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महाराष्ट्र में सियासी खेल ने दिखाया अपना दम, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने दिया इस्तीफा अब उद्धव ठाकरे लेंगें सीएम पद की शपथ…

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद महाराष्ट्र के राजनीतिक गलियारों में सियासी खेल एकदम से पलट गया है. सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस को निर्देश दिया कि वह बुधवार को शाम पांच बजे तक विधानसभा में अपना बहुमत साबित करें.

कोर्ट ने कहा कि बहुमत परीक्षण में विलंब होने से ‘खरीद फरोख्त’ की आशंका है. वहीं बहुमत साबित करने को लेकर विधायकों को एकजुट करने की कोशिशों के बीच अजित पवार के उप-मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया. जिसके बाद देवेंद्र फडणवीस ने भी प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा की घोषणा कर दी. फडणवीस ने कहा कि अजित पवार के अपने पद से इस्तीफा देने के बाद उनके पास संख्या बल नहीं रह गया है.

महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने मंगलवार को भाजपा विधायक कालीदास कोलाम्बकर को महाराष्ट्र विधानसभा का प्रोटेम स्पीकर नियुक्त किया. कोलाम्बकर वडाला से आठ बार के विधायक हैं. राजभवन के एक अधिकारी ने कहा, “राज्यपाल ने विधानसभा के प्रोटेम स्पीकर के रूप में कोलाम्बकर को शपथ दिलाई है. कोलाम्बकर बुधवार को शुरू हो रहे विधानसभा सत्र के दौरान शेष बचे 287 विधायकों को शपथ दिलाएंगे.

शिवसेना-एनसीपी-कांग्रेस गठबंधन ने मंगलवार शाम को शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पद के लिए अपने उम्मीदवार के रूप में चुना. ठाकरे राज्य के शीर्ष राजनीतिक पद पर पहुंचने वाले अपने परिवार के पहले सदस्य होंगे. यह निर्णय एक होटल में तीनों दलों की संयुक्त बैठक में लिया गया. बैठक में एनसीपी प्रमुख शरद पवार, पार्टी के वरिष्ठ नेता प्रफुल्ल पटेल, कांग्रेस नेता अशोक चव्हाण, स्वाभिमानी शेतकारी संगठन के राजू शेट्टी, समाजवादी पार्टी के अबू आज़मी और इन दलों के सभी विधायक मौजूद थे. तीनों दलों ने अपने गठबंधन को ‘महाराष्ट्र विकास आघाडी’ नाम दिया है.

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री पद से इस्तीफे के कुछ ही घंटे बाद एनसीपी नेता अजित पवार मंगलवार रात अपने चाचा और पार्टी प्रमुख शरद पवार के दक्षिण मुंबई स्थित आवास पर पहुंचे. एनसीपी नेताओं द्वारा अजित पवार को वापस लौटने के लिए समझाने-बुझाने के बाद वह शरद पवार के आवास पर पहुंचे। छगन भुजबल ने पवार साहब को पहले ही अजीत पवार को माफ करने की गुहार लगा चुके हैं। अब यहां कुछ भी कहना समय की बर्बादी है जबतक सरकार गठित न हो जाय सबकुछ संभव है।

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