प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री से बढ़ रही नशाखोरी…

अंबेडकरनगर
जनपद मुख्यालय के अंतर्गत मेडिकल स्टोरों पर नशीली दवाइयों की बिक्री बेरोकटोक धड़ल्ले से की जा रही है। इसकी जद में आकर बड़े पैमाने पर युवा नशे के आदि हो रहे हैं। प्रतिबंध के बावजूद यह गैरकानूनी धंधा विभागीय सरपरस्ती में जमकर फल-फूल रहा है। युवा कच्ची शराब और अन्य नशा पूरा करने के शौक के लिए जोखिम उठा रहे हैं। लोगों ने मेडिकल स्टोरों पर अवैध प्रतिबंधित दवाइयों की बिक्री पर रोक लगाए जाने की मांग की है। अकबरपुर से सटे कस्बे शहजादपुर में प्रतिबंधित दवाओं की हो रही जमकर बिक्री।


शासन द्वारा कई दवाओं को प्रतिबंधित कर दिया गया है। इनकी बिक्री पर भी रोक लगा दी है। युवाओं ने प्रतिबंधित दवाओं को नशे के लिए लेना शुरू कर दिया है। वैसे तो क्षेत्र में गिनती के ही लाइसेंस प्राप्त मेडिकल स्टोर है लेकिन क्षेत्र मे बिना लाइसेंस के ही मेडिकल स्टोर अवैध रूप से संचालित किए जा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार इन नशीली दवाओं की बिक्री बड़े पैमाने पर महंगे दामों में की जाती है। खांसी में प्रयोग आने वाली प्रतिबंधित कोरेक्स, दर्द कैप्सूल मेडिकल स्टोरों पर मात्र नशेड़ी लोगों को चोरी छुपे में बिक्री किए जा रहे हैं। बड़े पैमाने पर ऐसे प्रतिबंधित दवाओं के रेपर और खाली बोतल, प्रतिबंधित इंजेक्शन पड़े देखे जा सकते हैं। लोगों ने बताया कि कई गांव में प्रतिबंधित शराब की भी बिक्री रोकथाम लगाने वाले महकमे की सरपरस्ती में जमकर हो रही है। आरोप है कि विभागीय उदासीनता के कारण जमकर फल फूल रहा है जिससे कई परिवारों में युवा नशे के आदी हो गए हैं। लोगों ने इसपर रोकथाम लगवाए जाने की मांग की है। मेडिकल स्टोरों पर क्या ड्रग इंस्पेक्टर के संज्ञान में प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री का मामला नहीं है। अगर इन दवाओं की बिक्री हो रही है इसके लिए ड्रग इंस्पेक्टर द्वारा किसी भी प्रकार की कार्यवाही नहीं की जा रही है। जिनके प्रयोग से आने वाली पीढ़ियां हो रही बर्बाद।

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