Dharma & Karma 

आज कैसा रहेगा आपका दिन!! क्या कहती हैं राशियां? और भी बहुत कुछ आचार्य रमेश चंद्र तिवारी जी से…

आचार्य रमेश चन्द्र तिवारी धानिवबांग नालासोपारा पालघर महाराष्ट्र 🙏🌹
सम्पर्क सूत्र -9518782511
🙏🌹🌷🌹🌷🌹🌷🌹🌷🙏
🙏🌹🙏 अथ पंचांगम् 🙏🌹🙏
*ll *जय श्री राधे ll*
🙏🌹🌷🌹🌷🌹🌷🌹🌷🙏

दिनाँक -: 16/10/2019,बुधवार
तृतीया, कृष्ण पक्ष
कार्तिक
“””””””””””””””””””””””””””'”‘””””””(समाप्ति काल)

तिथि ————तृतीया अहोरात्र तक
पक्ष —————————कृष्ण
नक्षत्र ———-भरणी 14:21:02
योग ————-सिद्वि 28:45:10
करण ——–वाणिज 18:19:20
वार ————————–बुधवार
माह ————————-कार्तिक
चन्द्र राशि ——–मेष 20:45:39
चन्द्र राशि ——————–वृषभ
सूर्य राशि ———————-कन्या
रितु —————————–शरद
आयन ——————दक्षिणायण
संवत्सर ———————विकारी
संवत्सर (उत्तर) ———-परिधावी
विक्रम संवत —————-2076
विक्रम संवत (कर्तक) —-2075
शाका संवत —————–1941

मुम्बई
सूर्योदय ————— 06:33:50
सूर्यास्त —————–18:14:03
दिन काल ————–11:28:27
रात्री काल ————-12:32:33
चंद्रास्त —————–08:25:25
चंद्रोदय —————–20:07:12

लग्न —-कन्या 28°15′ , 178°15′

सूर्य नक्षत्र ——————–चित्रा
चन्द्र नक्षत्र ——————-भरणी
नक्षत्र पाया ——————-स्वर्ण

            *पद, चरण*

ले —-भरणी 07:55:07

लो —-भरणी 14:21:02

अ —-कृत्तिका 20:45:39

ई —-कृत्तिका 27:08:57

              *ग्रह गोचर*

ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद

सूर्य=कन्या 28°12 ‘ चित्रा , 2 पो
चन्द्र =मेष 22°23 ‘ भरणी ‘ 3 ले
बुध=तुला 23°16 ‘ विशाखा’ 1 ती
शुक्र= तुला 14 ° 05, स्वाति ‘ 3 रो
मंगल=कन्या 13°22 ‘ हस्त ‘ 1 पू
गुरु=वृश्चिक 26°18 ‘ ज्येष्ठा , 3 यी
शनि=धनु 20°43′ पू oषा o ‘ 3 फा
राहू=मिथुन 18 ° 10 ‘ आर्द्रा , 4 छ
केतु=धनु 18 ° 10′ पूo षाo, 2 धा

        *शुभा$शुभ मुहूर्त*

राहू काल 12:05 – 13:31 अशुभ
यम घंटा 07:47 – 09:13 अशुभ
गुली काल 10:39 – 12:05 अशुभ
अभिजित 11:42 -12:28 अशुभ
दूर मुहूर्त 11:42 – 12:28 अशुभ

        *चोघडिया, दिन*

लाभ 06:21 – 07:47 शुभ
अमृत 07:47 – 09:13 शुभ
काल 09:13 – 10:39 अशुभ
शुभ 10:39 – 12:05 शुभ
रोग 12:05 – 13:31 अशुभ
उद्वेग 13:31 – 14:57 अशुभ
चर 14:57 – 16:23 शुभ
लाभ 16:23 – 17:49 शुभ

        *चोघडिया, रात*

उद्वेग 17:49 – 19:23 अशुभ
शुभ 19:23 – 20:57 शुभ
अमृत 20:57 – 22:31 शुभ
चर 22:31 – 24:05* शुभ
रोग 24:05* – 25:39* अशुभ
काल 25:39* – 27:13* अशुभ
लाभ 27:13* – 28:47* शुभ
उद्वेग 28:47* – 30:21* अशुभ

नोट— दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है।
प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।
चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥
रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार ।
अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥
अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।
उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।
लाभ में व्यापार करें ।
रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें ।
काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।
अमृत में सभी शुभ कार्य करें ।

     *दिशा शूल ज्ञान-------------उत्तर*

परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो पान अथवा पिस्ता खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l
भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll

       अग्नि वास ज्ञान  

यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,
चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।
दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,
नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।। महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्
नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।

   15 + 3 + 4 + 1 = 23 ÷ 4 = 3 शेष

पृथ्वी लोक पर अग्नि वास हवन के लिए शुभ कारक है l

        *शिव वास एवं फल*

18 + 18 + 5 = 41 ÷ 7 = 6 शेष

क्रीड़ायां = शोक ,दुःख कारक

        *भद्रा वास एवं फल*

स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।
मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।

सांय 18:16 से प्रारंभ

स्वर्ग लोक = शुभ कारक

       *विशेष जानकारी*

*विश्व खाद्य दिवस

*कृषक भूमि पूजन दिवस

  • सर्वार्थ सिद्धि योग 24:20 से *शुभ विचार*

बाहुवीर्य बलं राज्ञो ब्रह्मवित् बली ।
रूप-यौवन-माधुर्य स्त्रीणां बलमनुत्तमम् ।।
।।चा o नी o।।

एक शक्तिशाली आदमी से उसकी बात मानकर समझौता करे. एक दुष्ट का प्रतिकार करे. और जिनकी शक्ति आपकी शक्ति के बराबर है उनसे समझौता विनम्रता से या कठोरता से करे.

          *सुभाषितानि*

गीता -: विश्वरूपदर्शनयोग अo-11

समं सर्वेषु भूतेषु तिष्ठन्तं परमेश्वरम्‌ ।,
विनश्यत्स्वविनश्यन्तं यः पश्यति स पश्यति ॥,

जो पुरुष नष्ट होते हुए सब चराचर भूतों में परमेश्वर को नाशरहित और समभाव से स्थित देखता है वही यथार्थ देखता है॥,27॥

🌹 व्रत पर्व विवरण🌹

   *तृतीया वृद्धि तिथि*

🌹 विशेष – तृतीया को पर्वल खाना शत्रुओं की वृद्धि करने वाला है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)
🌹व्यतिपात योग🌹

🙏🏻 व्यतिपात योग की ऐसी महिमा है कि उस समय जप पाठ प्राणायाम , माला से जप या मानसिक जप करने से भगवान की और विशेष कर भगवान सूर्यनारायण की प्रसन्नता प्राप्त होती है जप करने वालों को, व्यतिपात योग में जो कुछ भी किया जाता है उसका १ लाख गुना फल मिलता है।
🙏🏻 वाराह पुराण में ये बात आती है व्यतिपात योग की।
🙏🏻 व्यतिपात योग माने क्या कि देवताओं के गुरु बृहस्पति की धर्मपत्नी तारा पर चन्द्र देव की गलत नजर थी जिसके कारण सूर्य देव अप्रसन्न हुए नाराज हुए, उन्होनें चन्द्रदेव को समझाया पर चन्द्रदेव ने उनकी बात को अनसुना कर दिया तो सूर्य देव को दुःख हुआ कि मैने इनको सही बात बताई फिर भी ध्यान नहीं दिया और सूर्यदेव को अपने गुरुदेव की याद आई कि कैसा गुरुदेव के लिये आदर प्रेम श्रद्धा होना चाहिये पर इसको इतना नहीं थोडा भूल रहा है ये, सूर्यदेव को गुरुदेव की याद आई और आँखों से आँसू बहे वो समय व्यतिपात योग कहलाता है। और उस समय किया हुआ जप, सुमिरन, पाठ, प्रायाणाम, गुरुदर्शन की खूब महिमा बताई है वाराह पुराण में।
🌹 *विशेष ~ 17 अक्टूबर 2019 गुरुवार प्रातः 04:49 से 18 अक्टूबर शुक्रवार को प्रातः 04:16 तक व्यतिपात योग है।

कार्तिक में दीपदान 🌷
👉🏻 गताअंक से आगे …..
🔥 दीपदान कहाँ करें 🔥
🙏🏻 देवालय (मंदिर) में, गौशाला में, वृक्ष के नीचे, तुलसी के समक्ष, नदी के तट पर, सड़क पर, चौराहे पर, ब्राह्मण के घर में, अपने घर में ।
🙏🏻 अग्निपुराण के 200 वे अध्याय के अनुसार
🌷 *देवद्विजातिकगृहे दीपदोऽब्दं स सर्वभाक्
🌹 जो मनुष्य देवमन्दिर अथवा ब्राह्मण के गृह में दीपदान करता है, वह सबकुछ प्राप्त कर लेता है। पद्मपुराण के अनुसार मंदिरों में और नदी के किनारे दीपदान करने से लक्ष्मी जी प्रसन्न होती हैं। दुर्गम स्थान अथवा भूमि पर दीपदान करने से व्यक्ति नरक जाने से बच जाता है।
🔥 जो देवालय में, नदी के किनारे, सड़क पर दीप देता है, उसे सर्वतोमुखी लक्ष्मी प्राप्त होती है। कार्तिक में प्रतिदिन दो दीपक जरूर जलाएं। एक श्रीहरि नारायण के समक्ष तथा दूसरा शिवलिंग के समक्ष ।
🙏🏻 पद्मपुराण के अनुसार
🌷 तेनेष्टं क्रतुभिः सर्वैः कृतं तीर्थावगाहनम्। दीपदानं कृतं येन कार्तिके केशवाग्रतः।।
🌹जिसने कार्तिक में भगवान् केशव के समक्ष दीपदान किया है, उसने सम्पूर्ण यज्ञों का अनुष्ठान कर लिया और समस्त तीर्थों में गोता लगा लिया।
🙏🏻 ब्रह्मवैवर्त पुराण में कहा गया है जो कार्तिक में श्रीहरि को घी का दीप देता है, वह जितने पल दीपक जलता है, उतने वर्षों तक हरिधाम में आनन्द भोगता है। फिर अपनी योनि में आकर विष्णुभक्ति पाता है; महाधनवान नेत्र की ज्योति से युक्त तथा दीप्तिमान होता है।
🙏🏻 स्कन्दपुराण माहेश्वरखण्ड-केदारखण्ड के अनुसार
🌷 ये दीपमालां कुर्वंति कार्तिक्यां श्रद्धयान्विताः॥
यावत्कालं प्रज्वलंति दीपास्ते लिंगमग्रतः॥
तावद्युगसहस्राणि दाता स्वर्गे महीयते॥
🌹 जो कार्तिक मास की रात्रि में श्रद्धापूर्वक शिवजी के समीप दीपमाला समर्पित करता है, उसके चढ़ाये गए वे दीप शिवलिंग के सामने जितने समय तक जलते हैं, उतने हजार युगों तक दाता स्वर्गलोक में प्रतिष्ठित होता है।


🙏🏻 लिंगपुराण के अनुसार
🌷 कार्तिके मासि यो दद्याद्धृतदीपं शिवाग्रतः।।
संपूज्यमानं वा पश्येद्विधिना परमेश्वरम्।।
🌹जो कार्तिक महिने में शिवजी के सामने घृत का दीपक समर्पित करता है अथवा विधान के साथ पूजित होते हुए परमेश्वर का दर्शन श्रद्धापूर्वक करता है, वह ब्रह्मलोक को जाता है।
🌷 यो दद्याद्धृतदीपं च सकृल्लिंगस्य चाग्रतः।।
स तां गतिमवाप्नोति स्वाश्रमैर्दुर्लभां रिथराम्।।
🌹जो शिव के समक्ष एक बार भी घृत का दीपक अर्पित करता है, वह वर्णाश्रमी लोगों के लिये दुर्लभ स्थिर गति प्राप्त करता है।
🌷 आयसं ताम्रजं वापि रौप्यं सौवर्णिकं तथा।।
शिवाय दीपं यो दद्याद्विधिना वापि भक्तितः।।
सूर्यायुतसमैः श्लक्ष्णैर्यानैः शिवपुरं व्रजेत्।।
🌹जो विधान के अनुसार भक्तिपूर्वक लोहे, ताँबे, चाँदी अथवा सोने का बना हुआ दीपक शिव को समर्पित है, वह दस हजार सूर्यों के सामान देदीप्यमान विमानों से शिवलोक को जाता है।


🙏🏻 अग्निपुराण के 200 वे अध्याय के अनुसार
🔥 जो मनुष्य देवमन्दिर अथवा ब्राह्मण के गृह में एक वर्ष दीपदान करता है, वह सबकुछ प्राप्त कर लेता है।
🔥 कार्तिक में दीपदान करने वाला स्वर्गलोक को प्राप्त होता है।
🔥 दीपदान से बढ़कर न कोई व्रत है, न था और न होगा ही।
🔥 दीपदान से आयु और नेत्रज्योति की प्राप्ति होती है।
🔥 दीपदान से धन और पुत्रादि की प्राप्ति होती है
🔥 दीपदान करने वाला सौभाग्ययुक्त होकर स्वर्गलोक में देवताओं द्वारा पूजित होता है।
🙏🏻 एकादशी को दीपदान करने वाला स्वर्गलोक में विमान पर आरूढ़ होकर प्रमुदित होता है।


🌷 दीपदान कैसे करें 🌷
🔥 मिट्टी, ताँबा, चाँदी, पीतल अथवा सोने के दीपक लें। उनको अच्छे से साफ़ कर लें। मिटटी के दीपक को कुछ घंटों के लिए पानी में भिगो कर सुखा लें। उसके पश्च्यात प्रदोषकाल में अथवा सूर्यास्त के बाद उचित समय मिलने पर दीपक, तेल, गाय घी, बत्ती, चावल अथवा गेहूँ लेकर मंदिर जाएँ। घी में रुई की बत्ती तथा तेल के दीपक में लाल धागे या कलावा की बत्ती इस्तेमाल कर सकते हैं। दीपक रखने से पहले उसको चावल अथवा गेहूं अथवा सप्तधान्य का आसन दें। दीपक को भूल कर भी सीधा पृथ्वी पर न रखें क्योंकि कालिका पुराण का कथन है ।
🌹 *दातव्यो न तु भूमौ कदाचन। सर्वसहा वसुमती सहते न त्विदं द्वयम्।।
अकार्यपादघातं च दीपतापं तथैव च। तस्माद् यथा तु पृथ्वी तापं नाप्नोति वै तथा।।
🌹 अर्थात सब कुछ सहने वाली पृथ्वी को अकारण किया गया पदाघात और दीपक का ताप सहन नही होता ।
🔥 उसके बाद एक तेल का दीपक शिवलिंग के समक्ष रखें और दूसरा गाय के घी का दीपक श्रीहरि नारायण के समक्ष रखें। उसके बाद दीपक मंत्र पढ़ते हुए दोनों दीप प्रज्वलित करें। दीपक को प्रणाम करें। दारिद्रदहन शिवस्तोत्र तथा गजेन्द्रमोक्ष का पाठ करें।
👉🏻 शेष कल…….

           *दैनिक राशिफल*

देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके।
नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।।
विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे।
जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।।

🐏मेष
दूर से बुरी सूचना प्राप्त हो सकती है। किसी व्यक्ति से विवाद संभव है। स्वाभिमान को चोट पहुंच सकती है। पुराना रोग उभर सकता है। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। भावनाओं को वश में रखें। मन की बात किसी को न बताएं। व्यापार-व्यवसाय लाभदायक रहेगा।

🐂वृष
शेयर मार्केट व म्युचुअल फंड इत्यादि से मनोनुकूल लाभ होगा। मेहनत का फल मिलेगा। कार्य पूर्ण होंगे। प्रसन्नता तथा उत्साह से काम कर पाएंगे। मित्रों तथा संबंधियों की सहायता करने से मान-सम्मान मिलेगा। नौकरी में सहयोगी सहायता करेंगे। व्यापार ठीक चलेगा।

👫मिथुन
भूले-बिसरे साथियों से मुलाकात होगी। व्यय होगा। आत्मसम्मान बना रहेगा। उत्साहवर्धक सूचना मिलेगी। कोई बड़ा काम करने का मन बनेगा। दुष्ट व्यक्तियों से सावधान रहें। वाणी में हल्के शब्दों के प्रयोग से बचें। व्यस्तता रहेगी। थकान हो सकती है। व्यापार ठीक चलेगा।

🦀कर्क
यात्रा लाभदायक रहेगी। भेंट उपहार की प्राप्ति हो सकती है। रोजगार प्राप्ति के प्रयास सफल रहेंगे। समय की अनुकूलता का लाभ लें। प्रमाद न करें। निवेश शुभ फल देगा। नौकरी में अधिकार बढ़ सकते हैं। व्यापार-व्यवसाय अच्छा चलेगा। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी।

🐅सिंह
नए संबंध बनाने से पहले विचार कर लें। अपरिचितों पर अधिक भरोसा ठीक नहीं। फालतू खर्च पर नियंत्रण रखें। आर्थिक तंगी रहेगी। नौकरी में अधिकारी की अपेक्षाएं बढ़ेंगी। मन में दुविधा रहेगी। आय में निश्चितता रहेगी। कारोबार अच्छा चलेगा।

🙎कन्याोो\ो
डूबी हुई रकम प्राप्ति होने के योग हैं। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। आय बढ़ेगी। व्यापार- व्यवसाय से संतुष्टि रहेगी। शेयर मार्केट व म्युचुअल फंड से लाभ होगा। किसी समस्या का अंत होगा। प्रसन्नता व उत्साह में वृद्धि होगी। भाग्य का साथ रहेगा।

⚖तुला
कार्यकारी नए अनुबंध हो सकते हैं। योजना फलीभूत होगी। कार्यस्थल पर सुधार या परिवर्तन हो सकता है। मित्रों तथा संबंधियों की सहायता करने का अवसर प्राप्त होगा। मान-सम्मान मिलेगा। धन प्राप्ति सुगम होगी। काम में मन लगेगा।

🦂वृश्चिक
कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा। पूजा-पाठ में मन लगेगा। सत्संग का लाभ प्राप्त होगा। कोर्ट व कचहरी के कार्यों में गति आएगी। चिंता में कमी रहेगी। व्यापार-व्यवसाय मनोनुकूल लाभ देगा। पारिवारिक सहयोग प्राप्त होगा।

🏹धनु
चोट व दुर्घटना आदि से शारीरिक व आर्थिक हानि की आशंका है। लापरवाही न करें। क्रोध व उत्तेजना पर नियंत्रण रखें। हताशा का अनुभव होगा। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। आय में निश्चितता रहेगी। कारोबार ठीक चलेगा। नौकरी में जिम्मेदारी बढ़ सकती है।

🐊मकर
जीवनसाथी से सहयोग प्राप्त होगा। घर में प्रसन्नता का वातावरण रहेगा। कारोबार मनोनुकूल लाभ देगा। नौकरी में उच्चाधिकारी की प्रसन्नता प्राप्त होगी। बाहरी वातावरण सुखद रहेगा। निवेश शुभ फल देगा। भाग्य का साथ रहेगा। सभी कार्यों में सफलता प्राप्त होगी।

🍯कुंभ
भूमि व भवन संबंधी क्रय-विक्रय की योजना बनेगी। उन्नति के मार्ग प्रशस्त होंगे। परीक्षा व प्रतियोगिता आदि में सफलता प्राप्त होगी। आय में वृद्धि होगी। बेरोजगारी दूर करने के प्रयास सफल रहेंगे। क्रोध व उत्तेजना पर नियंत्रण रखें। शारीरिक कष्ट की आशंका प्रबल है।

🐟मीन
शैक्षणिक व शोध इत्यादि के कार्यों में सफलता प्राप्त होगी। किसी आनंदोत्सव में भाग लेने का अवसर प्राप्त होगा। नौकरी में कोई नया काम कर पाएंगे। मान-सम्मान मिलेगा। अधिकारी वर्ग प्रसन्न रहेगा। किसी लंबी यात्रा का कार्यक्रम बन सकता है। प्रसन्नता रहेगी।

🙏आपका दिन मंगलमय हो🙏

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