Dharma & Karma 

🙎कन्या राशि के लोगों को शत्रु भय रहेगा। शारीरिक कष्ट भी संभव है। बाकी राशियों में क्या है ? पढ़िये आचार्य जी की भविष्यवाणी…

आचार्य रमेश चन्द्र तिवारी धानिवबांग नालासोपारा पालघर महाराष्ट्र 🌹🙏
सम्पर्क सूत्र – 9518782511
🙏🌹🌷🌹🌷🌹🌷🌹🌷🙏
🙏🌹🙏 अथ पंचांगम् 🙏🌹🙏
🙏ll जय श्री राधे ll*🙏
🙏🌹🌷🌹🌷🌹🌷🌹🌷🙏

दिनाँक -: 22/01/2020,बुधवार
त्रयोदशी, कृष्ण पक्ष
माघ
“””””””””””””””””””””””””””””””””””””(समाप्ति काल)

तिथि ——-त्रयोदशी 25:48:00 तक
पक्ष —————————-कृष्ण
नक्षत्र ————-मूल 24:18:42
योग ———-व्याघात 27:38:41
करण ———–गरज 13:43:01
करण ——–वाणिज 25:48:00
वार ————————–बुधवार
माह —————————–माघ
चन्द्र राशि ———————–धनु
सूर्य राशि ———————मकर
रितु —————————हेमन्त
आयन ——————-उत्तरायण
संवत्सर ———————-विकारी
संवत्सर (उत्तर) ———-परिधावी
विक्रम संवत —————-2076
विक्रम संवत (कर्तक) —-2076
शाका संवत —————-1941

मुम्बई
सूर्योदय —————–07:15:55
सूर्यास्त —————–18:24:03
दिन काल ————–11:08:07
रात्री काल ————-12:51:47
चंद्रास्त —————–16:13:18
चंद्रोदय —————–29:50:45

लग्न —- मकर 7°21′ , 277°21′

सूर्य नक्षत्र ————–उत्तराषाढा
चन्द्र नक्षत्र ———————-मूल
नक्षत्र पाया ———————ताम्र

                🌹पद, चरण🌹

यो —-मूल 11:57:20

भा —-मूल 18:07:16

भी —-मूल 24:18:42

भू —-पूर्वाषाढा 30:31:39

                 🌹  ग्रह गोचर🌹

ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद

सूर्य=मकर 07°22 ‘ उ oषा o, 4 जी
चन्द्र =धनु 04°23 ‘ मूल ‘ 2 यो
बुध = मकर 14°10 ‘ श्रवण’ 2 खू
शुक्र= कुम्भ 15°55, शतभिषा ‘ 3 सी
मंगल=वृश्चिक 18°30′ ज्येष्ठा ‘ 1 नो
गुरु=धनु 17°50 ‘ पू oषाo , 2 धा
शनि=धनु 26°43′ उ oषा o ‘ 1 भे
राहू=मिथुन 13 °02 ‘ आर्द्रा , 2 घ
केतु=धनु 13 ° 02 ‘ मूल , 4 भी

          🌹शुभा$शुभ मुहूर्त🌹

राहू काल 12:31 – 13:51 अशुभ
यम घंटा 08:31 – 09:51 अशुभ
गुली काल 11:11 – 12:31 अशुभ
अभिजित 12:09 -12:52 अशुभ
दूर मुहूर्त 12:09 – 12:52 अशुभ

🌹गंड मूल 07:11 – 24:19* अशुभ

🌹चोघडिया, दिन
लाभ 07:11 – 08:31 शुभ
अमृत 08:31 – 09:51 शुभ
काल 09:51 – 11:11 अशुभ
शुभ 11:11 – 12:31 शुभ
रोग 12:31 – 13:51 अशुभ
उद्वेग 13:51 – 15:11 अशुभ
चर 15:11 – 16:30 शुभ
लाभ 16:30 – 17:50 शुभ

🌹चोघडिया, रात
उद्वेग 17:50 – 19:30 अशुभ
शुभ 19:30 – 21:10 शुभ
अमृत 21:10 – 22:51 शुभ
चर 22:51 – 24:31* शुभ
रोग 24:31* – 26:11* अशुभ
काल 26:11* – 27:51* अशुभ
लाभ 27:51* – 29:31* शुभ
उद्वेग 29:31* – 31:11* अशुभ

नोट— दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है।
प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।
चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥
रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार ।
अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥
अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।
उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।
लाभ में व्यापार करें ।
रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें ।
काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।
अमृत में सभी शुभ कार्य करें ।

🌹दिशा शूल ज्ञान-------------उत्तर

परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो पान अथवा पिस्ता खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l
भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll

             🌹अग्नि वास ज्ञान🌹

यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,
चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।
दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,
नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।। महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्
नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।

   15 + 13 + 4 + 1 = 33  ÷ 4 = 1 शेष

पाताल लोक पर अग्नि वास हवन के लिए अशुभ कारक है l

         🌹शिव वास एवं फल🌹

28 + 28 + 5 = 61 ÷ 7 = 5 शेष

ज्ञानवेलायां = कष्ट कारक

             🌹वास एवं फल🌹

स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।
मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।

रात्रि 25:18 से प्रारम्भ

पाताल लोक = धनलाभ कारक

             🌹विशेष जानकारी🌹
  • प्रदोष व्रत (शिव पूजन) 🌹शुभ विचार🌹

गते शोको न कर्तव्यो भविष्यं नैव चिन्तयेत् ।
वर्तमानेन कालेन प्रवर्त्तन्ते विचक्षणाः ।।
।।चा o नी o।।

हम उसके लिए ना पछताए जो बीत गया. हम भविष्य की चिंता भी ना करे. विवेक बुद्धि रखने वाले लोग केवल वर्तमान में जीते है.

            🌹  सुभाषितानि🌹

गीता -: श्रद्धात्रयविभागयोग अo-17

दातव्यमिति यद्दानं दीयतेऽनुपकारिणे।,
देशे काले च पात्रे च तद्दानं सात्त्विकं स्मृतम्‌॥,

दान देना ही कर्तव्य है- ऐसे भाव से जो दान देश तथा काल (जिस देश-काल में जिस वस्तु का अभाव हो, वही देश-काल, उस वस्तु द्वारा प्राणियों की सेवा करने के लिए योग्य समझा जाता है।,) और पात्र के (भूखे, अनाथ, दुःखी, रोगी और असमर्थ तथा भिक्षुक आदि तो अन्न, वस्त्र और ओषधि एवं जिस वस्तु का जिसके पास अभाव हो, उस वस्तु द्वारा सेवा करने के लिए योग्य पात्र समझे जाते हैं और श्रेष्ठ आचरणों वाले विद्वान्‌ ब्राह्मणजन धनादि सब प्रकार के पदार्थों द्वारा सेवा करने के लिए योग्य पात्र समझे जाते हैं।,) प्राप्त होने पर उपकार न करने वाले के प्रति दिया जाता है, वह दान सात्त्विक कहा गया है॥,20॥,

🌹व्रत पर्व विवरण🌹

🌹 विशेष – त्रयोदशी को बैंगन खाने से पुत्र का नाश होता है ।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)
🌹 स्कंद पुराण के अनुसार द्वादशी के दिन बिल्ववृक्ष का पूजन करना चाहिए। इससे ब्रह्महत्या आदि महापाप भी नष्ट हो जाते हैं।

              🌹अनुभूत प्रयोग🌹

😫 जिन्हें कार, बस, रेलगाड़ी या अन्य वाहनों से यात्रा करते समय उल्टी, उबकाई आती हो, जी मिचलाता हो, वे सीट पर अखबार बिछाकर उस पर बैठें । इससे इन सभी समस्याओं से छुटकारा मिल जाता है ।

              🌹वास्तु शास्त्र🌹

1⃣ घर के मेनगेट पर तुलसी या केले का पौधा लगाने से वास्तुदोष दूर होता है और घर में प्रेम का वातावरण बनता है।
2⃣ घर में सप्ताह में कम से कम एक बार कपूर जलाना चाहिए। उसका धुंआ वास्तुदोष दूर करता है।

🌹सिर में रूसी (Dandruff) होनेपर🌹
1⃣ पहला प्रयोगः 250 ग्राम छाछ में 10 ग्राम गुड़ डालकर सिर धोने से अथवा नींबू का रस लगाकर सिर धोने से रूसी दूर होती है।
2⃣ दूसरा प्रयोगः आधी कटोरी दही में दो चम्मच बेसन मिलाकर बालों की जड़ में लेप करें। 20 मिनट बाद सिर धो लें। रूसी दूर होकर बाल चमक उठेंगे।

🌷कलजुग के दोषों से बचने हेतू🌷
🙏🏻 ब्रम्हाजी बोले,” पुत्र, सुन्दर उपाय मिला है |कलजुग के लोगो को “कलौ तु कीर्तनात् ” ऐसा उपदेश किया, फिर “कलीतरणौपनिषद” बना | उस में लिखा है कलजुग में लोग जो “कलीतरणौपनिषद” नहीं पढ़ सकते तो केवल ” हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे, हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे ” ऐसा जप करने से कलजुग के दोष मिट जाते है |
🙏🏻 नारदजी द्वारा विधि पूछे जाने पर ब्रम्हा जी ने कहा कि दूसरे किसी विधि की जरूरत नहीं | हरि नाम लेंगे तो कलजुग का प्रभाव उनपर से हट जायेगा और उनकी बुद्धि पवित्र होगी और पवित्र बुद्धि होने से कार्य पवित्र होते है, परिणाम पवित्र आता है |

              🌹दैनिक राशिफल🌹

देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके।
नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।।
विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे।
जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।।

🐏मेष
शुभ समाचार मिलेंगे। प्रसन्नता रहेगी। रोजगार में वृद्धि होगी। चिंता रहेगी। संतान की प्रगति संभव है। वाहन चलाते समय सावधानी रखें। भूमि व संपत्ति संबंधी कार्य होंगे। पूर्व कर्म फलीभूत होंगे। क्रोध एवं उत्तेजना पर संयम रखें। ईष्ट मित्रों से मुलाकात होगी।

🐂वृष
बेरोजगारी दूर होगी। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। भेंट व उपहार की प्राप्ति होगी। प्रसन्नता रहेगी। परिवार में सुखद वातावरण रहेगा। व्यापार में इच्छित लाभ होगा। सत्कार्य में रुचि बढ़ेगी। प्रियजनों का पूर्ण सहयोग मिलेगा। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।

👫मिथुन
अप्रत्याशित खर्च होंगे। कर्ज लेना पड़ सकता है। वाणी पर नियंत्रण रखें। स्वास्थ्य कमजोर होगा। व्यावसायिक चिंताएं दूर होंगी। प्रयास में आलस्य व विलंब नहीं करना चाहिए। स्वयं के सामर्थ्य से ही भाग्योन्नति के अवसर आएंगे। विरोधी परास्त होंगे।

🦀कर्क
यात्रा सफल रहेगी। लेनदारी वसूल होगी। आय में वृद्धि होगी। लेन-देन में सावधानी रखें। स्वास्थ्य के प्रति सावधानी रखें। संतान के कार्यों में उन्नति के योग हैं। कार्यक्षमता एवं कार्यकुशलता बढ़ेगी। रुके हुए काम समय पर होने की संभावना है। धन प्राप्ति के योग हैं।

🐅सिंह
नई योजना बनेगी। रुके कार्य बनेंगे। कार्य की प्रशंसा होगी। व्ययवसाय ठीक चलेगा। लाभ होगा। प्रियजनों से पूरी मदद मिलेगी। यात्रा कष्टप्रद हो सकती है। धैर्य एवं संयम बना रहेगा। निजीजनों में असंतोष का वातावरण रहेगा। आर्थिक चिंता रहेगी।

🙎कन्या
शत्रु भय रहेगा। शारीरिक कष्ट संभव है। कोर्ट व कचहरी के कार्य बनेंगे। अध्यात्म में रुचि रहेगी। भूमि-आवास की समस्याओं में वृद्धि होगी। व्यापार-व्यवसाय सामान्य चलेगा। कर्म के प्रति पूर्ण समर्पण व उत्साह रखें। व्यापार में नई योजनाओं से लाभ होगा।

⚖तुला
चोट, चोरी व विवाद आदि से हानि संभव है। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। स्वास्थ्य कमजोर रहेगा। वाणी पर नियंत्रण रखें। बुद्धि एवं तर्क से कार्य के प्रति सफलता के योग बनेंगे। सकारात्मक विचारों के कारण प्रगति के योग आएंगे। ईश्वर पर आस्था बढ़ेगी।

🦂वृश्चिक
जीवनसाथी से सहयोग मिलेगा। कोर्ट व कचहरी में अनुकूलता रहेगी। प्रसन्नता रहेगी। आय बढ़ेगी। कार्यपद्धति में विश्वसनीयता बनाएं रखें। मित्रों में वर्चस्व बढ़ेगा। आजीविका में नए प्रस्ताव मिलेंगे। जीवनसाथी के स्वास्थ्य की ओर ध्यान दें। मांगलिक आयोजन होंगे।

🏹धनु
चोट व रोग से बाधा संभव है। बेरोजगारी दूर होगी। भूमि व भवन संबंधी बाधा दूर होगी। नौकरी में अधिकारियों का उचित सहयोग नहीं रहेगा। लेन-देन के विषय में विवाद हो सकता है। राजकीय क्षेत्र के व्यक्तियों से संबंध बढ़ेंगे जो आपको लाभ प्रदान करेंगे।

🐊मकर
रोग व भय का माहौल बन सकता है। स्वादिष्ट भोजन का आनंद मिलेगा। यात्रा मनोरंजक रहेगी। उत्तम मनोबल से समस्याओं का हल निकलेगा। दिखावे एवं आडंबरों से दूर रहना चाहिए। दांपत्य जीवन शुभतापूर्ण रहेगा। लापरवाही की प्रवृत्ति का त्याग करें।

🍯कुंभ
भागदौड़ रहेगी। शोक संदेश मिल सकता है। विवाद से क्लेश होगा। व्यवसाय सामान्य रहेगा। कार्य निर्णय बहुत ही शांति से विचार करके करना चाहिए। व्यापार में नए अनुबंध लाभकारी रहेंगे। व्यर्थ के कार्यों से तनाव की पूर्ण संभावना रह सकती है।

🐟मीन
व्यापार में कर्मचारियों पर अधिक विश्वास न करें। आर्थिक स्थिति मध्यम रहेगी। संतान पर नजर रखें। समाज में प्रसिद्धि के कारण सम्मान में बढ़ोतरी होगी। अर्थ संबंधी काम होंगे। थोड़े प्रयास से ही कार्यसिद्धि होगी। मान-सम्मान मिलेगा। आय में वृद्धि होगी। चिंता रहेगी।

🙏आपका दिन मंगलमय हो🙏

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