Dharma & Karma 

राशिफल तो आप रोज पढ़ते हैं अगर आपके मन में कोई सवाल हो अपने भविष्य, प्यार या व्यवसाय से संबंधित तो आचार्य जी से संपर्क करें…

आचार्य रमेश चन्द्र तिवारी धानिवबांग नालासोपारा पालघर महाराष्ट्र 🌸🙏
सम्पर्क सूत्र – 9518782511
🙏🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🙏
🙏🌸🙏 अथ पंचांगम् 🙏🌸🙏
🙏ll जय श्री राधे ll*🙏
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दिनाँक -:07/02/2020,शुक्रवार
त्रयोदशी, शुक्ल पक्ष
माघ
“””””””””””””””””””””””””””””””””””””(समाप्ति काल)

तिथि ——-त्रयोदशी 18:31:00 तक
पक्ष —————————शुक्ल
नक्षत्र ———पुनर्वसु 23:59:40
योग ————–प्रीति 22:28:12
करण ——–कौलव 07:32:14
करण ———–तैतुल 18:31:00
करण ———–गरज 29:20:17
वार ————————-शुक्रवार
माह —————————–माघ
चन्द्र राशि —–मिथुन 18:23:22
चन्द्र राशि ———————-कर्क
सूर्य राशि ———————मकर
रितु ————————–शिशिर
आयन ——————–उत्तरायण
संवत्सर ———————-विकारी
संवत्सर (उत्तर) ———-परिधावी
विक्रम संवत —————-2076
विक्रम संवत (कर्तक)——2076
शाका संवत —————-1941

मुम्बई
सूर्योदय —————–07:03:58
सूर्यास्त —————–18:02:57
दिन काल ————–10:58:58
रात्री काल ————-13:00:22
चंद्रोदय —————–15:59:19
चंद्रास्त —————–30:12:51

लग्न —-मकर 23°36′ , 293°36′

सूर्य नक्षत्र ——————धनिष्ठा
चन्द्र नक्षत्र ——————पुनर्वसु
नक्षत्र पाया ——————–रजत

              🌸पद, चरण🌸

को —-पुनर्वसु 12:44:44

हा —-पुनर्वसु 18:23:22

ही —-पुनर्वसु 23:59:40

हु —-पुष्य 29:33:44

               🌸ग्रह गोचर🌸

ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद

सूर्य=मकर 23°22 ‘ धनिष्ठा, 1 गा
चन्द्र =मिथुन 23°23 ‘ पुनर्वसु’ 2 को
बुध = कुम्भ 11°10 ‘शतभिषा’ 2 सा
शुक्र= मीन 04°55, उoभाo ‘ 1 दू
मंगल=वृश्चिक 29°30′ ज्येष्ठा ‘ 4 यू
गुरु=धनु 20°50 ‘ पू oषाo , 3 फा
शनि=मकर 01°43′ उ oषा o ‘ 2 भो
राहू=मिथुन 12 °10 ‘ आर्द्रा , 2 घ
केतु=धनु 12 ° 10 ‘ मूल , 4 भी

           🌸शुभा$शुभ मुहूर्त🌸

राहू काल 11:11 – 12:33 अशुभ
यम घंटा 15:18 – 16:41 अशुभ
गुली काल 08:26 – 09:49 अशुभ
अभिजित 12:12 -12:55 शुभ
दूर मुहूर्त 09:16 – 09:59 अशुभ
दूर मुहूर्त 12:55 – 13:39 अशुभ

🌸चोघडिया, दिन
चर 07:04 – 08:26 शुभ
लाभ 08:26 – 09:49 शुभ
अमृत 09:49 – 11:11 शुभ
काल 11:11 – 12:33 अशुभ
शुभ 12:33 – 13:56 शुभ
रोग 13:56 – 15:18 अशुभ
उद्वेग 15:18 – 16:41 अशुभ
चर 16:41 – 18:03 शुभ

🌸चोघडिया, रात
रोग 18:03 – 19:41 अशुभ
काल 19:41 – 21:18 अशुभ
लाभ 21:18 – 22:56 शुभ
उद्वेग 22:56 – 24:33* अशुभ
शुभ 24:33* – 26:11* शुभ
अमृत 26:11* – 27:48* शुभ
चर 27:48* – 29:26* शुभ
रोग 29:26* – 31:03* अशुभ

नोट— दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है।
प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।
चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥
रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार ।
अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥
अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।
उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।
लाभ में व्यापार करें ।
रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें ।
काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।
अमृत में सभी शुभ कार्य करें ।

🌸 दिशा शूल ज्ञान-------------पश्चिम

परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो घी अथवा काजू खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l
भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll

 🌸 अग्नि वास ज्ञान  -:

यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,
चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।
दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,
नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।। महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्
नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।

   13 + 6 + 1 = 20  ÷ 4 = 0 शेष

मृत्यु लोक पर अग्नि वास हवन के लिए शुभ कारक है l

          🌸शिव वास एवं फल -:

13 + 13 + 5 = 31 ÷ 7 = 3 शेष

वृषभारूढ़ = शुभ कारक

🌸भद्रा वास एवं फल -:

स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।
मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।

          🌸विशेष जानकारी🌸
  • प्रदोष व्रत (शिव पूजन)
  • सर्वार्थ सिद्धि योग 23:59 तक
  • गुरु गोरखनाथ जयन्ती
  • विश्वकर्मा जयन्ती 🌸शुभ विचार🌸

आत्मापराधवृक्षस्य फलान्येतानि देहिनाम् ।
दारिद्र्य-रोग-दुःखानि बन्धनव्यसनानि च ।।
।।चा o नी o।।

गरीबी, दुःख और एक बंदी का जीवन यह सब व्यक्ति के किए हुए पापो का ही फल है.

               🌸सुभाषितानि🌸

गीता -: मोक्षसन्यासयोग अo-18

दुःखमित्येव यत्कर्म कायक्लेशभयात्त्यजेत्‌ ।,
स कृत्वा राजसं त्यागं नैव त्यागफलं लभेत्‌ ॥,

जो कुछ कर्म है वह सब दुःखरूप ही है- ऐसा समझकर यदि कोई शारीरिक क्लेश के भय से कर्तव्य-कर्मों का त्याग कर दे, तो वह ऐसा राजस त्याग करके त्याग के फल को किसी प्रकार भी नहीं पाता॥,8॥,

        🌸 व्रत पर्व विवरण🌸
                प्रदोष ब्रत 

🌸 विशेष – त्रयोदशी को बैंगन खाने से पुत्र का नाश होता है ।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)

🌸 माघ मास की अंतिम 3 तिथियाँ दिलाएं महापुण्य पुंज
➡ 07, 08 एवं 09 फरवरी को माघ मास की अंतिम 3 तिथियाँ हैं ।
🙏🏻 1) माघ मास के शुक्ल पक्ष की अंतिम 3 तिथियाँ , त्रयोदशी से लेकर पूर्णिमा तक की तिथियाँ बड़ी ही पवित्र और शुभकारक हैं । जो सम्पूर्ण माघ मास में ब्रह्म मुहूर्त में पुण्य स्नान, व्रत, नियम आदि करने में असमर्थ हो, वह यदि इन 3 तिथियों में भी उसे करे तो माघ मास का पूरा फल पा लेता है ।
🙏🏻 2) वैसे तो माघ मास की हर तिथि पुण्यमयी होती है और इसमें सब जल गंगाजल तुल्य हो जाते हैं | सतयुग में तपस्या से जो उत्तम फल होता था, त्रेता में ध्यान के द्वारा, द्वापर में भगवान् की पूजा के द्वारा और कलियुग में दान-स्नान के द्वारा तथा द्वापर, त्रेता, सतयुग में पुष्कर, कुरुक्षेत्र, काशी, प्रयाग में 10 वर्ष शुद्धि, संतोष आदि नियमों का पालन करने से जो फल मिलता है, वह कलियुग में माघ मास में अंतिम 3 दिन- त्रयोदशी, चतुर्दशी और पूर्णिमा को प्रातः स्नान करने से मिल जाता है |
🙏🏻 3) माघ मास प्रातः स्नान सब कुछ देता है . आयुष्य लम्बी करता है, अकाल मृत्यु से रक्षा करता है ,आरोग्य देता है, रूप देता है, बल देता है ,संतान की वृद्धि ,सदाचरण और सत्संग देता है,वृत्तियाँ निर्मल होती हैं और विचार ऊंचे होते हैं l
🙏🏻4) अक्षय धन(जिसका कभी क्षय नहीं ), रुपया पैसा भी बरकत वाला हो जाता है और विद्या भी अक्षय धन में बदल जाती है l
🙏🏻 5) सकाम भाव से स्नान करते हैं तो मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है, निष्काम भाव से भगवान् की प्रीति पाने के लिए स्नान करते तो वो भी सहेज में हो जाती है l
🙏🏻 6) माघ मास स्नान, सत्संग स्नान जिसने किया उसे नरक का डर नहीं रहता, दरिद्रता और पाप उसके छू हो जाते हैं l ईश्वर प्राप्ति न भी करनी हो तो भी माघ मास का स्नान स्वर्ग लोक तो तुम्हारा सहज में ही रिज़र्व करा देता है l
🙏🏻 7) जो माघ मास की अंतिम ३ तिथियों में ‘गीता’, ‘श्री विष्णु सहस्रनाम’ , ‘भागवत’ शास्त्र का पठन व श्रवण करता है वह महा पुण्यवान हो जाता है ।

             🌸दैनिक राशिफल🌸

देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके।
नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।।
विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे।
जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।।

🐏मेष
मेहमानों का आवागमन होगा। व्यय होगा। उत्साहवर्धक सूचना मिलेगी। प्रसन्नता रहेगी। अपने प्रयासों से उन्नति पथ प्रशस्त करेंगे। बुद्धि चातुर्य से कठिन कार्य भी आसानी से बनेंगे। व्यापार अच्छा चलेगा। व्यर्थ समय नष्ट न करें। रुका पैसा मिलेगा।

🐂वृष
मेहनत का फल पूरा-पूरा मिलेगा। मान-सम्मान मिलेगा। व्यवसाय ठीक चलेगा। लाभ होगा। दूर रहने वाले व्यक्तियों से संपर्क के कारण लाभ हो सकता है। नई योजनाओं का सूत्रपात होने के योग हैं। कार्यक्षमता में वृद्धि होगी। व्यर्थ संदेह न करें।

👫मिथुन
बुरी खबर मिल सकती है। विवाद को बढ़ावा न दें। भागदौड़ रहेगी। आय में कमी होगी। किसी कार्य में प्रतिस्पर्धात्मक तरीके से जुड़ने की प्रवृत्ति आपके लिए शुभ रहेगी। राज्यपक्ष से लाभ होगा। अपने काम से काम रखें। दांपत्य सुख प्राप्त होगा।

🦀कर्क
रचनात्मक कार्य सफल रहेंगे। किसी बड़े कार्यक्रम का हिस्सा बनेंगे। प्रसन्नता बनी रहेगी। नए कार्यों से जुड़ने का योग बनेगा। पारिवारिक जीवन सुखद नहीं रहेगा। पूजा-पाठ में मन लगेगा। इच्छित लाभ होगा। नौकरी में कार्य की प्रशंसा हो सकती है।

🐅सिंह
बेरोजगारी दूर होगी। विवाद न करें। संपत्ति की खरीद-फरोख्त हो सकती है। आय बढ़ेगी। मन में उत्साहपूर्ण विचारों के कारण समय सुखद व्यतीत होगा। मकान व जमीन संबंधी कार्य बनेंगे। अनायास धन लाभ के योग हैं। व्यापार में वांछित उन्नति होगी।

🙎कन्या
जीवनसाथी से सहयोग मिलेगा। राजकीय बाधा दूर होगी। बेचैनी रहेगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। अर्थ प्राप्ति के योग बनेंगे। विवादों से दूर रहना चाहिए। पिता से व्यापार में सहयोग मिल सकेगा। सरकारी मसले सुलझेंगे। सकारात्मक सोच बनेगी।

⚖तुला
चोट, चोरी व विवाद आदि से हानि संभव है। जोखिम व जमानत के कार्य टालें, बाकी सामान्य रहेगा। प्रयास अधिक करने पर भी उचित सफलता मिलने में संदेह है। कार्य में विलंब के भी योग हैं। आर्थिक हानि हो सकती है। पारिवारिक जीवन तनावपूर्ण रहेगा।

🦂वृश्चिक
कानूनी अड़चन दूर होगी। अध्यात्म में रुचि रहेगी। यात्रा, नौकरी व निवेश मनोनुकूल रहेंगे। रुके धन के लिए प्रयत्न जरूर करें। कार्य का विस्तार होगा। दूसरे के कार्यों में हस्तक्षेप से बचें। दांपत्य जीवन सुखद रहेगा। विलासिता के प्रति रुझान बढ़ेगा।

🏹धनु
कार्यस्थल पर परिवर्तन लाभ में वृद्धि करेगा। योजना फलीभूत होगी। नए अनुबंध होंगे। कष्ट होगा। पारिवारिक जिम्मेदारी बढ़ने से व्यस्तता बढ़ेगी। कार्य में नवीनता के भी योग हैं। संतान के व्यवहार से समाज में सम्मान बढ़ेगा। स्वास्थ्य खराब हो सकता है।

🐊मकर
यात्रा, नौकरी व निवेश मनोनुकूल रहेंगे। डूबी हुई रकम प्राप्त होगी। आय में वृद्धि होगी। प्रमाद न करें। आकस्मिक लाभ व निकटजनों की प्रगति से मन में प्रसन्नाता रहेगी। परिश्रम से स्वयं के कार्यों में भी शुभ परिणाम आएँगे। क्रोध एवं उत्तेजना पर संयम रखें।

🍯कुंभ
शत्रु सक्रिय रहेंगे। कुसंगति से हानि होगी। व्ययवृद्धि होगी। लेन-देन में सावधानी रखें, जोखिम न लें। किसी शुभचिंतक से मेल-मुलाकात का हर्ष होगा। संतान की आजीविका संबंधी समस्या का हल निकलेगा। लापरवाही से काम न करें।

🐟मीन
नवीन वस्त्राभूषण की प्राप्ति होगी। यात्रा, नौकरी व निवेश मनोनुकूल रहेंगे। परीक्षा आदि में सफलता मिलेगी। पारिवारिक कष्ट एवं समस्याओं का अंत संभव है। व्यापार-व्यवसाय लाभप्रद रहेगा। आय से अधिक व्यय न करें। परोपकार में रुचि बढ़ेगी।

🙏आपका दिन मंगलमय हो🙏

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