🐅सिंह राशि के लोगों की सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। बाकी की राशियों की विस्तृत जानकारी आचार्य जी से…

आचार्य रमेश चन्द्र तिवारी धानिवबांग नालासोपारा पालघर महाराष्ट्र 🌹🙏
सम्पर्क सूत्र – 9518782511
🙏🌹🌷🌹🌷🌹🌷🌹🌷🙏
🙏🌹🙏 अथ पंचांगम् 🙏🌹🙏
🙏ll जय श्री राधे ll*🙏
🙏🌹🌷🌹🌷🌹🌷🌹🌷🙏

दिनाँक -: 31/01/2020,शुक्रवार
षष्ठी, शुक्ल पक्ष
माघ
“””””””””””””””””””””””””””””””””””””(समाप्ति काल)

तिथि ————षष्ठी 15:51:06 तक
पक्ष —————————शुक्ल
नक्षत्र ———–रेवती 18:08:40
योग ————-साघ्य 29:57:33
करण ———–तैतुल 15:51:06
करण ———–गरज 29:03:07
वार ————————-शुक्रवार
माह —————————–माघ
चन्द्र राशि ——-मीन 18:08:40
चन्द्र राशि ———————–मेष
सूर्य राशि ———————-मकर
रितु ————————–शिशिर
आयन ———————उत्तरायण
संवत्सर ———————-विकारी
संवत्सर (उत्तर) ———-परिधावी
विक्रम संवत —————-2076
विक्रम संवत (कर्तक)——2076
शाका संवत —————-1941

मुम्बई
सूर्योदय —————–07:14:24
सूर्यास्त —————–18:29:27
दिन काल —————11:15:02
रात्री काल ————-12:44:40
चंद्रोदय —————–11:18:18
चंद्रास्त —————–23:51:59

लग्न —-मकर 16°30′ , 286°30′

सूर्य नक्षत्र ——————-श्रवण
चन्द्र नक्षत्र ——————–रेवती
नक्षत्र पाया ——————–स्वर्ण

      🌹  पद, चरण🌹

च —-रेवती 11:25:07

ची —-रेवती 18:08:40

चु —-अश्विनी 24:51:22

              🌹ग्रह गोचर🌹

ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद

सूर्य=मकर 16°22 ‘ श्रवण, 2 खू
चन्द्र =मीन 24°23 ‘ रेवती’ 3 च
बुध = कुम्भ 00°10 ‘ धनिष्ठा’ 3 गु
शुक्र= कुम्भ 26°55, पूoभाo ‘ 3 दा
मंगल=वृश्चिक 24°30′ ज्येष्ठा ‘ 2 या
गुरु=धनु 18°50 ‘ पू oषाo , 2 धा
शनि=मकर 00°43′ उ oषा o ‘ 2 भो
राहू=मिथुन 12 °32 ‘ आर्द्रा , 2 घ
केतु=धनु 12 ° 32 ‘ मूल , 4 भी

         🌹शुभा$शुभ मुहूर्त🌹

राहू काल 11:12 – 12:33 अशुभ
यम घंटा 15:15 – 16:36 अशुभ
गुली काल 08:29 – 09:50 अशुभ
अभिजित 12:11 -12:54 शुभ
दूर मुहूर्त 09:18 – 10:01 अशुभ
दूर मुहूर्त 12:54 – 13:38 अशुभ

🌹गंड मूल अहोरात्र अशुभ

🌹पंचक 07:08 – 18:09 अशुभ

🌹चोघडिया, दिन
चर 07:08 – 08:29 शुभ
लाभ 08:29 – 09:50 शुभ
अमृत 09:50 – 11:12 शुभ
काल 11:12 – 12:33 अशुभ
शुभ 12:33 – 13:54 शुभ
रोग 13:54 – 15:15 अशुभ
उद्वेग 15:15 – 16:36 अशुभ
चर 16:36 – 17:58 शुभ

🌹चोघडिया, रात
रोग 17:58 – 19:36 अशुभ
काल 19:36 – 21:15 अशुभ
लाभ 21:15 – 22:54 शुभ
उद्वेग 22:54 – 24:32* अशुभ
शुभ 24:32* – 26:11* शुभ
अमृत 26:11* – 27:50* शुभ
चर 27:50* – 29:29* शुभ
रोग 29:29* – 31:07* अशुभ

नोट— दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है।
प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।
चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥
रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार ।
अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥
अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।
उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।
लाभ में व्यापार करें ।
रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें ।
काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।
अमृत में सभी शुभ कार्य करें ।

  🌹दिशा शूल ज्ञान-------------पश्चिम

परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो घी अथवा काजू खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l
भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll

🌹 अग्नि वास ज्ञान -:
यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,
चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।
दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,
नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।। महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्
नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।

   6 + 6 + 1 = 13  ÷ 4 = 1 शेष

पाताल लोक पर अग्नि वास हवन के लिए अशुभ कारक है l

   🌹शिव वास एवं फल -:

6 + 6 + 5 = 17 ÷ 7 = 3 शेष

वृषभारूढ़ = शुभ कारक

🌹भद्रा वास एवं फल -:

स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।
मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।

             🌹विशेष जानकारी🌹
  • दारिद्र हरण षष्ठी
  • मंदार छट
  • सर्वार्थ सिद्धि योग
  • भाष्यकार श्रीनिवासाचार्य एवं श्रीदेवाचार्य पाटोत्सव 🌹शुभ विचार🌹

ईप्सितं मनसः सर्वं कस्य सम्पद्यते सुखम् ।
दैवायत्तं यतः सर्वं तस्मात्‍ संतोषमाश्रयेत् ।।
।।चा o नी o।।

किस को सब सुख प्राप्त हुए जिसकी कामना की. सब कुछ भगवान् के हाथ में है. इसलिए हमें संतोष में जीना होगा.

                🌹सुभाषितानि🌹

गीता -: मोक्षसन्यासयोग अo-18

सन्न्यासस्य महाबाहो तत्त्वमिच्छामि वेदितुम्‌ ।,
त्यागस्य च हृषीकेश पृथक्केशिनिषूदन ॥,

अर्जुन बोले- हे महाबाहो! हे अन्तर्यामिन्‌! हे वासुदेव! मैं संन्यास और त्याग के तत्व को पृथक्‌-पृथक्‌ जानना चाहता हूँ॥,1॥,

         🌹व्रत पर्व विवरण🌹

🌹 विशेष – षष्ठी को नीम की पत्ती,फल,या दातुन मुँह में डालने से नीच योनियों की प्राप्ति होती है ।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)

           🌹पुण्यदायी तिथियाँ🌹

➡ ३० जनवरी – वसंत पंचमी ( इस दिन सारस्वत्य मंत्र का अधिक-से-अधिक जप करना चाहिए |)
➡ १ फरवरी – अचला सप्तमी (प्रात: पुन्यस्नान, व्रत करके गुरु-पूजन करनेवाला सम्पूर्ण माघ मास के स्नान का फल व वर्षभर के रविवार व्रत का पुण्य पा लेता है | यह सम्पूर्ण पापों को हरनेवाली व सुख-सौभाग्य की वृद्धि करनेवाली है |)
➡ ५ फरवरी – जया एकादशी (व्रत से ब्रह्महत्यातुल्य पाप व पिशाचत्व का नाश होता है |)
➡ ७ फरवरी – माघ शुक्ल त्रयोदशी [इस दिन से माघी पूर्णिमा (९ फरवरी) तक प्रात: पुण्यस्नान तथा दान, व्रत आदि पुण्यकर्म करने से सम्पूर्ण माघ-स्नान का फल मिलता है | – पद्म पुराण ]
➡ १३ फरवरी – विष्णुपदी संक्रांति (पुण्यकाल:सुबह ८-४१ से दोपहर ३-०५ तक )
➡ १४ फरवरी : मातृ-पितृ पूजन दिवस
➡ १९ फरवरी – विजया एकादशी (व्रत से इस लोक में विजयप्राप्ति होती है और परलोक भी अक्षय बना रहता है |)
➡ २१ फरवरी – महाशिवरात्रि व्रत, रात्रि-जागरण, शिव-पूजन (निशीथकाल : रात्रि १२-२७ से १-१७ तक )
➡ २३ फरवरी – द्वापर युगादि तिथि (स्नान, दान-पुण्य, जप, हवन से अनंत फल की प्राप्ति |)
➡ १ मार्च – रविवारी सप्तमी (दोपहर ११-१७ से २ मार्च सूर्योदय तक )

🌹हाथों की शक्ति जगाने के लिए🌹
🙏🏻 *”ॐ ॐ ॐ मम आरोग्य शक्ति जाग्रय जाग्रय” ऐसा जपते हुए हथेलियों को आपस में रगड़ें और शरीर के जिस हिस्से में परेशानी हो, वहां हथेलियों को रखें l

              🌹विघ्न-बाधा में🌹

🙏🏻 आदित्य ह्रदय स्तोत्र भगवान रामजी को अगस्त्य मुनि ने दिया था l आदित्य ह्रदय स्तोत्र ३ बार जपने से विघ्न-बाधा व आरोप लगाने वालों को सफलता नहीं मिलती l

पंचक
26जनवरी 5.40pm से 31 जनवरी 6.10pm तक
23फरबरी 12.29am से 28फरबरी 1.08am तक
एकादशी
5फरबरी बुधवार
19फरबरी बुधवार
प्रदोष
6फरबरी शुक्रवार
20 फरबरी बृहस्पतिवार
पूर्णमासी
9फरबरी रविवार
अमावस्या
23फरबरी रविवार
महाशिवरात्रि
21फरबरी शुक्रवार
कारोबार महूर्त
1 ;21;26;28 फरबरी
नया वाहन महूर्त
1;21;28फरबरी
ग्रह प्रवेश महूर्त
14;24;26फरबरी
नींव पूजन महूर्त

           🌹दैनिक राशिफल🌹

देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके।
नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।।
विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे।
जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।।

🐏मेष
प्रयास सफल रहेंगे। कार्य को सुचारु रूप से पूर्ण कर पाएंगे। कार्य की प्रशंसा होगी। मित्र व संबंधियों का सहयोग मिलेगा। मान-सम्मान मिलेगा। झंझटों में न पड़ें। बेचैनी रहेगी। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा। बड़ा कार्य करने का मन बनेगा। लाभ होगा।

🐂वृष
घर में अतिथियों का आगमन होगा। उत्साहवर्धक सूचना प्राप्त होगी। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। किसी मांगलिक कार्य की योजना बनेगी। व्यवसाय लाभदायक रहेगा। मान बढ़ेगा। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। आय में वृद्धि होगी। सेहत कमजोर रहेगी।

👫मिथुन
रोजगार प्राप्ति के प्रयास सफल रहेंगे। पार्टनरों से सहयोग प्राप्त होगा। जोखिम उठाने का साहस कर पाएंगे। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। भाग्य का साथ मिलेगा। अप्रत्याशित लाभ हो सकता है। सट्टे व लॉटरी से दूर रहें। व्यस्तता रहेगी। पारिवारिक चिंता रहेगी।

🦀कर्क
मेहनत अधिक होगी। किसी अपने के व्यवहार से स्वाभिमान को ठेस पहुंचेगी। फिजूलखर्ची होगी। अपेक्षित कार्यों में विलंब होगा। तनाव रहेगा। क्रोध व उत्तेजना पर नियंत्रण रखें। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। व्यवसाय लाभदायक रहेगा। जल्दबाजी न करें।

🐅सिंह
सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। बकाया वसूली के प्रयास सफल रहेंगे। यात्रा लाभदायक रहेगी। बड़ा काम करने का मन बनेगा। झंझटों से दूर रहें। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। व्यस्तता रहेगी। घर-परिवार का सहयोग मिलेगा। प्रसन्नता रहेगी। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। प्रमाद न करें।

🙎कन्या
कार्यस्थल पर परिवर्तन संभव है। योजना फलीभूत होगी। नया काम प्रारंभ करने का मन बनेगा। छोटे भाइयों का सहयोग प्राप्त होगा। उत्साह व प्रसन्नता बने रहेंगे। नए अनुबंध हो सकते हैं। तत्काल लाभ नहीं होगा। जल्दबाजी न करें। आय बढ़ेगी। जोखिम न लें।

⚖तुला
पूजा-पाठ में मन लगेगा। सत्संग का लाभ मिलेगा। देव-दर्शन की योजना बनेगी। राजकीय बाधा दूर होकर लाभ की स्थिति बनेगी। सामाजिक कार्य करने का अवसर मिलेगा। व्यवसाय ठीक चलेगा। आय में वृद्धि होगी। प्रसन्नता रहेगी। जोखिम लेने का साहस कर पाएंगे। प्रमाद न करें।

🦂वृश्चिक
वाहन व मशीनरी के प्रयोग में लापरवाही न करें। विवाद को बढ़ावा न दें। मेहनत अधिक होगी। स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा। कीमती वस्तुएं गुम हो सकती है। कुसंगति से बचें। वरिष्ठजनों की सलाह मानें। लाभ होगा। व्यवसाय ठीक चलेगा। जोखिम न उठाएं।

🏹धनु
दांपत्य जीवन सुखमय होगा। राजकीय सहयोग प्राप्त होगा। आय में वृद्धि होगी। मातहतों का सहयोग प्राप्त होगा। जोखिम उठाने का साहस कर पाएंगे। घर-बाहर मांगलिक कार्य हो सकता है। प्रसन्नता रहेगी। दूसरों की बातों में न आएं। लेन-देन में सावधानी रखें। लाभ होगा।

🐊मकर
नौकरी में अधिकार बढ़ सकते हैं। संपत्ति के बड़े सौदे बड़ा लाभ दे सकते हैं। रोजगार मिलेगा। परीक्षा व प्रतियोगिता आदि में सफलता प्राप्त होगी। भाग्य का साथ रहेगा। कई दिनों से अटके काम अब पूर्ण होंगे। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। विवाद को बढ़ावा न दें।

🍯कुंभ
रचनात्मक कार्य सफल रहेंगे। पार्टी व पिकनिक का आनंद मिलेगा। मनपसंद भोजन का आनंद प्राप्त होगा। व्यवसाय मनोनुकूल लाभ देगा। मित्र व संबंधियों का सहयोग व मार्गदर्शन मिलेगा। कार्य का विस्तार हो सकता है। जरूरी कागजों को ध्यान से पढ़ें।

🐟मीन
किसी के अनुचित व्यवहार से स्वाभिमान को ठेस पहुंच सकती है। विवाद को बढ़ावा न दें। दु:खद समाचार मिल सकता है। दूसरों से अपेक्षा न करें। स्वयं का कार्य खुद करें। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। व्यवसाय लाभदायक रहेगा। धैर्य रखें।

🙏आपका दिन मंगलमय हो🙏

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