सड़कों पर मौत बनकर दौड़ रही ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्राली…

अंबेडकरनगर
प्रशासन की उदासीनता के चलते ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्राली सड़कों पर बेलगाम होकर मौत बनकर दौड़ रही है। दिन छिपते ही जिले में ओवरलोडिंग का खेल शुरू हो जाता है। लकड़ी और गन्ने से भरे ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्राली रात में आसानी से चैक पोस्ट से पास हो जाते हैं। लोगों का आरोप है कि यह प्रशासन की कमाई का जरिया बन चुके हैं।
ओवरलोड वाहन से आए दिन सड़क हादसे हो रहे हैं। इसके बावजूद प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। पुलिस के आंकड़ों के अनुसार हर साल सड़क हादसों में लोग जान गंवा देते हैं। जबकि दुर्घटना से अधिक लोग अपाहिज हो जाते हैं। इसके बावजूद ओवरलोड वाहन संचालकों की नकेल नहीं कसी जा रही है।

अफसरों की मानें तो नियमानुसार ट्राले का रजिस्टे्रशन केवल कृषि कार्यों को करने के लिए हो सकता है, लेकिन फिर भी जिले भर में अवैध रूप से ट्रालों का संचालन हो रहा है। इन ट्रालों से जिले भर के गन्ना क्रय केंद्रों से गन्ना लोड कर चीनी मिलों तक ढोया जाता है। इसके अलावा लकड़ी एवं अन्य सामान भी इन ट्रालों से खूब ढोया जा रहा है। इन ट्रालों में गन्ना इस कदर भरा होता है कि इसमें आगे और पीछे का कुछ भी नहीं दिखाई देता। लोगों का आरोप है कि प्रशासन इसे अनदेखा करते हैं। इससे वाहन संचालकों के हौसले बुलंद हैं। एआरटीओ केएन सिंह ने बताया कि ट्रालों का संचालन पूर्ण रूप से अवैध है। केवल कृषि कार्यों के लिए ही ट्रैक्टर-ट्राली का संचालन कराया जा सकता है। इससे कॉमर्शियल वाहन के रूप में प्रयोग नहीं कर सकते। ऐसे सभी वाहन चालकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी और अवैध रूप से चलने वाले वाहनों को सीज किया जाएगा।
जब कि दिन में चीनी मिल से लौटने वाले ट्राले शहर में जाम की स्थिति उत्पन्न करते हैं सूत्रों द्वारा यह भी पता चला कि चीनी मिल द्वारा प्रशासन को सुविधा शुल्क भी मुहैया करवाया जाता है जिनके कारण उनके हाथ बने हुए हैं इसलिए कार्यवाही करने से कतराते है। अगर इन वाहनों का मार्ग डायवर्जन दिन में अन्नावा से पहितीपुर मार्ग से कर दिया जाए तो शायद जाम से कुछ निजात मिल सकती है।
शहर में लगने वाले जाम से यहां की जनता त्रस्त हो चुकी है परंतु प्रशासन इस पर नजर नहीं डाल रहा है।

Spread the love

Written by 

Related Posts

Leave a Comment

seven + 13 =

WhatsApp chat