नाग पंचमी की दशाएं और आज का भविष्य

आचार्य रमेश चन्द्र तिवारी

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सम्पर्क सूत्र -+91 9518782511

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*****|| जय श्री राधे ||*****
🙏🌸🙏 *अथ पंचांगम्* 🙏🌸🙏
*********ll जय श्री राधे ll*********
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*दिनाँक -:02/08/2019,शुक्रवार*
द्वितीया, शुक्ल पक्ष
श्रावण
“””””””””””””””””””””””””””””””””””””(समाप्ति काल)

तिथि———–द्वितीया25:36:12 तक
पक्ष—————————–शुक्ल
नक्षत्र———-आश्लेषा09:28:55
योग———-व्यतापता11:15:41
करण————-बालव15:23:51
करण————कौलव25:36:12
वार—————————शुक्रवार
माह—————————श्रावण
चन्द्र राशि———कर्क09:28:55
चन्द्र राशि———————–सिंह
सूर्य राशि———————–कर्क
रितु——————————वर्षा
आयन——————-दक्षिणायण
संवत्सर———————-विकारी
संवत्सर (उत्तर)———–परिधावी
विक्रम संवत—————–2076
विक्रम संवत (कर्तक)——-2075
शाका संवत——————1941

वृन्दावन
सूर्योदय—————–05:43:58
सूर्यास्त——————19:06:41
दिन काल—————13:22:43
रात्री काल————–10:37:48
चंद्रोदय——————06:44:25
चंद्रास्त——————20:23:58

लग्न—–कर्क 15°20′ , 105°20′

सूर्य नक्षत्र———————–पुष्य
चन्द्र नक्षत्र—————–आश्लेषा
नक्षत्र पाया——————–रजत

*🚩💮🚩 पद, चरण 🚩💮🚩*

डो—-आश्लेषा 09:28:55

मा—-मघा 14:47:27

मी—-मघा 20:05:57

मू—-मघा 25:24:36

*💮🚩💮 ग्रह गोचर 💮🚩💮*

ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद
=======================
सूर्य=कर्क 15 ° 52 ‘ पुष्य , 4 ड
चन्द्र =कर्क 28°23′ अश्लेषा’ 4 डो
बुध=मिथुन 29°30 ‘ पुनर्वसु’ 3 हा
शुक्र= कर्क 11 ° 30, पुष्य 3 हो
मंगल=कर्क 25 ° 38 ‘आश्लेषा’ 3 डे
गुरु=वृश्चिक 20°21 ‘ ज्येष्ठा , 2 या
शनि=धनु 22°43’ पू oषा o ‘ 3 फा
राहू=मिथुन 22°10 ‘ पुनर्वसु , 2 को
केतु=धनु 22 ° 10’ पूo षाo, 4 ढा

*🚩💮🚩शुभा$शुभ मुहूर्त🚩💮🚩*

राहू काल 10:45 – 12:25अशुभ
यम घंटा 15:46 – 17:26अशुभ
गुली काल 07:24 – 09:05अशुभ
अभिजित 11:59 -12:52शुभ
दूर मुहूर्त 08:25 – 09:18अशुभ
दूर मुहूर्त 12:52 – 13:46अशुभ

🚩गंड मूलअहोरात्रअशुभ

💮चोघडिया, दिन
चर 05:44 – 07:24शुभ
लाभ 07:24 – 09:05शुभ
अमृत 09:05 – 10:45शुभ
काल 10:45 – 12:25अशुभ
शुभ 12:25 – 14:06शुभ
रोग 14:06 – 15:46अशुभ
उद्वेग 15:46 – 17:26अशुभ
चर 17:26 – 19:07शुभ

🚩चोघडिया, रात
रोग 19:07 – 20:26अशुभ
काल 20:26 – 21:46अशुभ
लाभ 21:46 – 23:06शुभ
उद्वेग 23:06 – 24:26*अशुभ
शुभ 24:26* – 25:45*शुभ
अमृत 25:45* – 27:05*शुभ
चर 27:05* – 28:25*शुभ
रोग 28:25* – 29:45*अशुभ

💮होरा, दिन
शुक्र 05:44 – 06:51
बुध 06:51 – 07:58
चन्द्र 07:58 – 09:05
शनि 09:05 – 10:12
बृहस्पति 10:12 – 11:18
मंगल 11:18 – 12:25
सूर्य 12:25 – 13:32
शुक्र 13:32 – 14:39
बुध 14:39 – 15:46
चन्द्र 15:46 – 16:53
शनि 16:53 – 17:59
बृहस्पति 17:59 – 19:07

🚩होरा, रात
मंगल 19:07 – 19:59
सूर्य 19:59 – 20:53
शुक्र 20:53 – 21:46
बुध 21:46 – 22:39
चन्द्र 22:39 – 23:32
शनि 23:32 – 24:26
बृहस्पति 24:26* – 25:19
मंगल 25:19* – 26:12
सूर्य 26:12* – 27:05
शुक्र 27:05* – 27:58
बुध 27:58* – 28:51
चन्द्र 28:51* – 29:45

*नोट*– दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है। प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है। चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार । शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार । अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥ अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें । उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें । शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें । लाभ में व्यापार करें । रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें । काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है । अमृत में सभी शुभ कार्य करें ।

*💮दिशा शूल ज्ञान————–पश्चिम*
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो घी अथवा सफेद वर्फ़ी खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
*शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l*
*भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll*

*🚩 अग्नि वास ज्ञान -:*
*यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,*
*चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।*
*दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,*
*नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।।* *महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्*
*नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।*

2 + 6 + 1 = 9 ÷ 4 = 1 शेष
पाताल लोक पर अग्नि वास हवन के लिए अशुभ कारक है l

*💮 शिव वास एवं फल -:*

2 + 2 + 5 = 9 ÷ 7 = 2 शेष

गौरि सन्निधौ = शुभ कारक

*🚩भद्रा वास एवं फल -:*

*स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।*
*मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।*

*💮🚩 विशेष जानकारी 🚩💮*

* स्वामी श्री करपात्री जी महाराज जयन्ती
🌸🙏 शुभ विचार 🙏🌸

तावद्भयेन भेतव्यं यावद् भयमनागतम् ।
आगतं तु भयं वीक्ष्यं प्रहर्तव्यमशंकया ।।
।।चा o नी o।।

यदि आप पर मुसीबत आती नहीं है तो उससे सावधान रहे. लेकिन यदि मुसीबत आ जाती है तो किसी भी तरह उससे छुटकारा पाए.

*🚩💮🚩 सुभाषितानि 🚩💮🚩*

गीता -: विश्वरूपदर्शनयोग अo-11

कालोऽस्मि लोकक्षयकृत्प्रवृद्धोलोकान्समाहर्तुमिह प्रवृत्तः ।,
ऋतेऽपि त्वां न भविष्यन्ति सर्वे येऽवस्थिताः प्रत्यनीकेषु योधाः ॥,

श्री भगवान बोले- मैं लोकों का नाश करने वाला बढ़ा हुआ महाकाल हूँ।, इस समय इन लोकों को नष्ट करने के लिए प्रवृत्त हुआ हूँ।, इसलिए जो प्रतिपक्षियों की सेना में स्थित योद्धा लोग हैं, वे सब तेरे बिना भी नहीं रहेंगे अर्थात तेरे युद्ध न करने पर भी इन सबका नाश हो जाएगा॥,32॥,

देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके।
नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।।
विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे।
जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेते्।।
*दिशाशूल – पश्चिम दिशा में*
*व्रत पर्व विवरण – चन्द्र-दर्शन*
💥 *विशेष – द्वितीया को बृहती (छोटा बैंगन या कटेहरी) खाना निषिद्ध है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*


🌷 *नागपंचमी* 🌷

🙏🏻 *श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को नागपंचमी का पर्व मनाया जाता है। इस बार ये पर्व 05 अगस्त, सोमवार को है। इस दिन नागों की पूजा करने का विधान है। हिंदू धर्म में नागों को भी देवता माना गया है। महाभारत आदि ग्रंथों में नागों की उत्पत्ति के बारे में बताया गया है। इनमें शेषनाग, वासुकि, तक्षक आदि प्रमुख हैं। नागपंचमी के अवसर पर हम आपको ग्रंथों में वर्णित प्रमुख नागों के बारे में बता रहे हैं-*
🐍 *वासुकि नाग*
*धर्म ग्रंथों में वासुकि को नागों का राजा बताया गया है। ये हैं भगवान शिव के गले में लिपटे रहते हैं। (कुछ ग्रंथों में महादेव के गले में निवास करने वाले नाग का नाम तक्षक भी बताया गया है)। ये महर्षि कश्यप व कद्रू की संतान हैं। इनकी पत्नी का नाम शतशीर्षा है। इनकी बुद्धि भगवान भक्ति में लगी रहती है। जब माता कद्रू ने नागों को सर्प यज्ञ में भस्म होने का श्राप दिया तब नाग जाति को बचाने के लिए वासुकि बहुत चिंतित हुए। तब एलापत्र नामक नाग ने इन्हें बताया कि आपकी बहन जरत्कारु से उत्पन्न पुत्र ही सर्प यज्ञ रोक पाएगा।*
*तब नागराज वासुकि ने अपनी बहन जरत्कारु का विवाह ऋषि जरत्कारु से करवा दिया। समय आने पर जरत्कारु ने आस्तीक नामक विद्वान पुत्र को जन्म दिया। आस्तीक ने ही प्रिय वचन कह कर राजा जनमेजय के सर्प यज्ञ को बंद करवाया था। धर्म ग्रंथों के अनुसार, समुद्र मंथन के समय नागराज वासुकि की नेती (रस्सी) बनाई गई थी। त्रिपुरदाह (इस युद्ध में भगवान शिव ने एक ही बाण से राक्षसों के तीन पुरों को नष्ट कर दिया था) के समय वासुकि शिव धनुष की डोर बने थे।*
🐍 *शेषनाग*
*शेषनाग का एक नाम अनंत भी है। शेषनाग ने जब देखा कि उनकी माता कद्रू व भाइयों ने मिलकर विनता (ऋषि कश्यप की एक और पत्नी) के साथ छल किया है तो उन्होंने अपनी मां और भाइयों का साथ छोड़कर गंधमादन पर्वत पर तपस्या करनी आरंभ की। उनकी तपस्या से प्रसन्न होकर ब्रह्मा ने उन्हें वरदान दिया कि तुम्हारी बुद्धि कभी धर्म से विचलित नहीं होगी।*
🐍 *ब्रह्मा ने शेषनाग को यह भी कहा कि यह पृथ्वी निरंतर हिलती-डुलती रहती है, अत: तुम इसे अपने फन पर इस प्रकार धारण करो कि यह स्थिर हो जाए। इस प्रकार शेषनाग ने संपूर्ण पृथ्वी को अपने फन पर धारण कर लिया। क्षीरसागर में भगवान विष्णु शेषनाग के आसन पर ही विराजित होते हैं। धर्म ग्रंथों के अनुसार, भगवान श्रीराम के छोटे भाई लक्ष्मण व श्रीकृष्ण के बड़े भाई बलराम शेषनाग के ही अवतार थे।*
👉🏻 शेष कल………

🌷 *व्यतिपात योग* 🌷
🙏🏻 *व्यतिपात योग की ऐसी महिमा है कि उस समय जप पाठ प्राणायम, माला से जप या मानसिक जप करने से भगवान की और विशेष कर भगवान सूर्यनारायण की प्रसन्नता प्राप्त होती है जप करने वालों को, व्यतिपात योग में जो कुछ भी किया जाता है उसका १ लाख गुना फल मिलता है।*
🙏🏻 *वाराह पुराण में ये बात आती है व्यतिपात योग की।*
🙏🏻 *व्यतिपात योग माने क्या कि देवताओं के गुरु बृहस्पति की धर्मपत्नी तारा पर चन्द्र देव की गलत नजर थी जिसके कारण सूर्य देव अप्रसन्न हु नाराज हुए उन्होनें चन्द्रदेव को समझाया पर चन्द्रदेव ने उनकी बात को अनसुना कर दिया तो सूर्य देव को दुःख हुआ कि मैने इनको सही बात बताई फिर भी ध्यान नहीं दिया और सूर्यदेव को अपने गुरुदेव की याद आई कि कैसा गुरुदेव के लिये आदर प्रेम श्रद्धा होना चाहिये पर इसको इतना नहीं थोडा भूल रहा है ये, सूर्यदेव को गुरुदेव की याद आई और आँखों से आँसू बहे वो समय व्यतिपात योग कहलाता है। और उस समय किया हुआ जप, सुमिरन, पाठ, प्रायाणाम, गुरुदर्शन की खूब महिमा बताई है वाराह पुराण में।*
💥 *विशेष ~ 01 जुलाई 2019 गुरुवार को शाम 03:18 से 02 जुलाई, शुक्रवार को सुबह 11:18 तक व्यतिपात योग है ।


मेष-

आज आप के लिए भाग्य और कर्म का अद्भुत मेल रहने वाला है। पूर्व के लंबित कार्य आज गति पकड़ेगे। किसी महिला मित्र से सहयोग मिलने के कारण उन्नति के आसार बन रहे हैं। संतान से सुख मिलेगा। यदि आप किसी शिक्षा-प्रतियोगिता में हिस्सा ले रहे हैं तो भाग्य और आपकी मेहनत दोनो आपका साथ देंगे। नौकरी में परिवर्तन की राह देखने वालों के लिए यह समय खुशियों भरा होगा। भाग्य तथा आपके प्रयासों के कारण आप एक बेहतर परिवर्तन करने में समर्थ होंगे। पारिवारिक जीवन यथावत रहेगा।

वृष-

आज आपको बहुत सारे विकास दिखाई देंगे। व्यवसाय में वृद्धि और व्यापार में बेहतरी के अवसर मिलेंगे। आर्थिक रूप से आप सुरक्षित रहेंगे। आप कुछ ठोस कदम उठाएंगे जिससे आपकी वित्तीय वृद्धि की संभावनाएं बढ़ेंगी। आप भौतिक वस्तुओं पर खर्च कर सकते हैं। नई नौकरी की तलाश करने वालों को अपने प्रयास जारी रखने चाहिए।मिथुन -आज आपका आत्मविश्वास और साहस चरम पर रहेगा। राजनीति या सामाजिक कार्यों से जुड़े लोग कई बैठकों आदि में भाग लेंगे। आपको सम्मान मिलेगा और कुछ नई जिम्मेदारी भी मिल सकती है। आप जटिल समस्याओं का समाधान पाएंगे। वित्त में किए गए प्रयास वांछित परिणाम देंगे। पुराना भुगतान भी मिल सकता है। प्रतिद्वंद्वी और प्रतियोगी आपको नुकसान नहीं पहुंचा पाएंगे। आप शुभ स्वास्थ्य का आनंद लेंगे। आप में से कुछ के लिए प्रेम सम्बन्ध का आरम्भ हो सकता है। आज आप अपने परिवार के साथ आनंद और मौज-मस्ती युक्त समय बिताएंगे।

कर्क-

किसी पुरानी बात को लेकर सहयोगियों से बहस हो सकती है अत: सावधानी से काम लेकर विवादों को टालें। निजी जीवन में कुछ परेशानियां रह सकती हैं। बेहतर होगा आप अपने जीवनसाथी की सोच को समझने का प्रयास करें। खानपान पर भी संयम रखें। प्रेम संबंधों के सन्दर्भ में आज का दिन अनुकूल है लेकिन आप अपनी या संतान की शिक्षा को लेकर चिंतित रह सकते हैं।
सिंह-

व्यावसायिक सन्दर्भ में नए व्यापार संबंधों और सौदों को अंतिम रूप देने के लिए के लिए यह एक अनुकूल अवधि है। कार्य संबंधी यात्राएं और सहयोग आने वाले महीनों में सकारात्मक परिणाम देंगे। आप में से कुछ महत्वपूर्ण लोगों से संपर्क स्थापित कर अधिक प्रभावशाली बन जाएंगे। प्रेम संबंधों के मामले में आप भाग्यशाली रहेंगे। विवाहित जातकों के लिए आवेग के कारण जीवनसाथी के साथ अनबन हो सकती है। स्वास्थ्य बिना किसी बड़ी चिंता के कमोबेश ठीक रहेगा।


कन्या-

व्यावसायिक सन्दर्भ में नए व्यापार संबंधों और सौदों को अंतिम रूप देने के लिए के लिए यह एक अनुकूल अवधि है। कार्य संबंधी यात्राएं और सहयोग आने वाले महीनों में सकारात्मक परिणाम देंगे। आप में से कुछ महत्वपूर्ण लोगों से संपर्क स्थापित कर अधिक प्रभावशाली बन जाएंगे। प्रेम संबंधों के मामले में आप भाग्यशाली रहेंगे। विवाहित जातकों के लिए आवेग के कारण जीवनसाथी के साथ अनबन हो सकती है। स्वास्थ्य बिना किसी बड़ी चिंता के कमोबेश ठीक रहेगा।

तुला-

यदि आप अपना स्वयं का व्यवसाय कर रहे हैं तो साझेदारी में प्रवेश करने का यह एक अच्छा समय है जो भविष्य में लाभकारी होगा। अगर आप नौकरी के लिए परीक्षा या प्रतियोगिता या साक्षात्कार में उपस्थित होते हैं तो आपको सफलता मिलेगी। सामाजिक गतिविधियों में आपकी रुचि होगी। परिवार में कोई धार्मिक समारोह या कोई अन्य उत्सव मनाया जा सकता है। लंबी दूरी की यात्रा फायदेमंद साबित होगी। आप खुश और शांत रहेंगे।विवाह योग्य संतान का रिश्ता पक्का हो सकता है।


वृश्चिक-

आज आपके लिए नए संपर्क बनाने का एक अनुकूल समय है। पूर्व के चले आ रहे प्रेम सम्बन्ध और परिपक्व हो सकते हैं। कुछ जातकों के जीवन में प्रेम आज दस्तक दे सकता है। किसी बात को ले पारिवारिक संबंधों में खटास आ सकती है। विवाहित जोड़े पितृत्व मार्ग की ओर कदम बढ़ा सकतें हैं। आप में से कुछ संतान के विकास और खुशी का आनंद लेंगे।

धनु

आप खुश और हंसमुख रहेंगे। आपके पास कई अवसर होंगे और आप वरिष्ठों से एहसान प्राप्त करेंगे। आपका करियर और आपकी वित्तीय स्थिति में भी काफी सुधार होगा। प्रेमियों के लिए सुखद समय रहेगा। आप महत्वपूर्ण लोगों के साथ नए सम्बन्ध स्थापित करेंगे। आपका पारिवारिक-जीवन खुशहाल और आनंदमय रहेगा। आपका स्वास्थ्य शुभ रहेगा। निवेश प्रयासों के लिए दिन परिपक्व है जो आपकी आर्थिक स्थिति को बेहतरी की ओर ले जाएगी


मकर

वित्तीय परिणाम उम्मीद से कम हो सकते हैं और आपको इससे निपटना होगा। सोच समझकर निवेश करना चाहिए। यदि पैतृक संपत्ति के संबंध में कोई संघर्ष है, तो प्रयास करें और इसे सौहार्दपूर्वक हल करें। काम से संबंधित यात्रा अमल में आ सकती है जिससे नए रास्ते खुलेंगे। कुल मिलाकर आपका स्वास्थ्य ठीक रहेगा लेकिन अपनी आँखों का विशेष ध्यान रखें। बच्चे बहुत अच्छा करेंगे और वे आपको गर्व करेंगे। पारिवारिक परिवेश आनंददायक रहेगा

कुंभ-

यद्यपि आपकी माँ की स्वास्थ्य-स्थिति आपको चिंतित रखेगी और आपके बच्चे भी अच्छे स्वास्थ्य में नहीं हो सकते हैं। किन्तु भौतिक समृद्धि की स्थिति बहुत फायदेमंद होगी और आपको विभिन्न स्रोतों से लाभ होगा। आपके कुछ शत्रु मित्र के रूप में आपके घेरे में रह सकते हैं। लेकिन आप उन्हें नियंत्रित करने में सक्षम होंगे। आपके पेशेवर क्षेत्र में आपको प्रशंसा मिलेगी और सामाजिक रूप से आप अधिक लोकप्रिय हो जाएंगे। आपके पास नए अधिग्रहण हो सकते हैं जो आपको खुश करेंगे।


मीन-

छात्रों के लिए परीक्षा अब एक आंख की रोशनी नहीं रहेगी। कठोर परिश्रम द्वारा वह लक्ष्य प्राप्ति कर सकते हैं। आपको अपनी व्यावसायिक परियोजनाओं को मूर्त रूप प्रदान करने में सामान्य से अधिक समय लगाना पड़ सकता है। किन्तु यह आपको कुछ अतिरिक्त फल नहीं प्रदान कर पायेगा। अपने काम और पारिवारिक संबंधों के बीच किसी भी तरह के मतभेद से बचें, इससे समय और संसाधनों का अपव्यय हो सकता है। प्रेम सम्बन्ध मधुर रहेंगे। अपने और अपने बच्चों के स्वास्थ्य के मामलों में अतिरिक्त सावधानी बरतें।


जिनका आज जन्मदिन हैं उनको हार्दिक शुभकामनाएं…

दिनांक 2 को जन्मे व्यक्ति का मूलांक 2 होगा। इस मूलांक को चंद्र ग्रह संचालित करता है। चंद्र ग्रह मन का कारक होता है। आप अत्यधिक भावुक होते हैं। आप स्वभाव से शंकालु भी होते हैं। दूसरों के दर्द से आप परेशान हो जाना आपकी कमजोरी है। आप मानसिक रूप से तो स्वस्थ हैं लेकिन शारीरिक रूप से कमजोर हैं। चंद्र ग्रह स्त्री ग्रह माना गया है। अत: आप अत्यंत कोमल स्वभाव के हैं। आपमें अभिमान तो जरा भी नहीं होता। चंद्र के समान आपके स्वभाव में भी उतार-चढ़ाव पाया जाता है। आप अगर जल्दबाजी को त्याग दें तो आप जीवन में सफल होते हैं।

शुभ दिनांक : 2, 11, 20, 29

शुभ अंक : 2, 11, 20, 29, 56, 65, 92

शुभ वर्ष : 2027, 2029, 2036

ईष्टदेव : भगवान शिव, बटुक भैरव

शुभ रंग : सफेद, हल्का नीला, सिल्वर ग्रे


कैसा रहेगा यह वर्ष

वर्ष काफी समझदारी से चलने का रहेगा। लेखन से संबंधित मामलों में सावधानी रखना होगी। बगैर देखे किसी कागजात पर हस्ताक्षर ना करें। किसी नवीन कार्य योजनाओं की शुरुआत करने से पहले बड़ों की सलाह लें। व्यापार-व्यवसाय की स्थिति ठीक-ठीक रहेगी। स्वास्थ्य की दृष्टि से संभल कर चलने का वक्त होगा। पारिवारिक विवाद आपसी मेलजोल से ही सुलझाएं। दखलअंदाजी ठीक नहीं रहेगी।

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