आज आपकी राशि मे कितनी प्रबलता है किसकी राशि क्या कहती है जानने के जिज्ञासु लोगों को समर्पित…

आचार्य रमेश चन्द्र तिवारी धानिवबांग नालासोपारा पालघर महाराष्ट्र 🌸🌸🙏
सम्पर्क सूत्र -9518782511
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🙏🌸🙏अथ पंचांगम्* 🙏🌸🙏
ll जय श्री राधे ll
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Presents

दिनाँक -: 18/09/2019,बुधवार
चतुर्थी, कृष्ण पक्ष
आश्विन
“””””””””””””””””””””””””””””””””””””(समाप्ति काल)

तिथि————-चतुर्थी18:11:35 तक
पक्ष—————————–कृष्ण
नक्षत्र———–अश्विनी06:43:33
योग————व्याघात23:32:55
करण————-बालव18:11:35
वार—————————बुधवार
माह————————–आश्विन
चन्द्र राशि————————मेष
सूर्य राशि———————–कन्या
रितु——————————-वर्षा
आयन——————-दक्षिणायण
संवत्सर———————-विकारी
संवत्सर (उत्तर)———–परिधावी
विक्रम संवत—————–2076
विक्रम संवत (कर्तक)——2075
शाका संवत——————1941

मुम्बई
सूर्योदय—————–06:27:35
सूर्यास्त——————18:37:36
दिन काल—————12:13:07
रात्री काल————–11:47:19
चंद्रास्त——————09:37:34
चंद्रोदय——————21:27:31

लग्न—–कन्या0°42′ , 150°42′

सूर्य नक्षत्र———–उत्तराफाल्गुनी
चन्द्र नक्षत्र——————-अश्विनी
नक्षत्र पाया———————स्वर्ण

    🙏  पद, चरण  🙏

ला—-अश्विनी 06:43:33

ली—-भरणी 13:16:00

लू—-भरणी 19:47:05

ले—-भरणी 26:16:40

     🙏  ग्रह गोचर 🙏

ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद

सूर्य=कन्या 00°42 ‘ उ o फा o, 2 टे
चन्द्र =मेष 13°23 ‘ अश्विनी ‘ 4 ला
बुध=कन्या 12°26 ‘ हस्त’ 1 पू
शुक्र= कन्या 10°13, हस्त ‘ 1 पू
मंगल=सिंह 24°12 ‘ पू oफ़ा o ‘ 4 टू
गुरु=वृश्चिक 22°21 ‘ ज्येष्ठा , 2 या
शनि=धनु 22°13′ पू oषा o ‘ 3 फा
राहू=मिथुन 19°45 ‘ आर्द्रा , 4 छ
केतु=धनु 19 ° 45′ पूo षाo, 2 धा

  🙏शुभा$शुभ मुहूर्त🙏

राहू काल 12:13 – 13:45अशुभ
यम घंटा 07:38 – 09:10अशुभ
गुली काल 10:42 – 12:13अशुभ
अभिजित 11:49 -12:38अशुभ
दूर मुहूर्त 11:49 – 12:38अशुभ

🚩गंड मूल06:07 – 06:44अशुभ

🚩चोघडिया, दिन
लाभ 06:07 – 07:38शुभ
अमृत 07:38 – 09:10शुभ
काल 09:10 – 10:42अशुभ
शुभ 10:42 – 12:13शुभ
रोग 12:13 – 13:45अशुभ
उद्वेग 13:45 – 15:17अशुभ
चर 15:17 – 16:48शुभ
लाभ 16:48 – 18:20शुभ

🚩चोघडिया, रात
उद्वेग 18:20 – 19:48अशुभ
शुभ 19:48 – 21:17शुभ
अमृत 21:17 – 22:45शुभ
चर 22:45 – 24:13शुभ रोग 24:13 – 25:42अशुभ काल 25:42 – 27:10अशुभ लाभ 27:10 – 28:39शुभ उद्वेग 28:39 – 30:07*अशुभ

🚩होरा, दिन
बुध 06:07 – 07:08
चन्द्र 07:08 – 08:09
शनि 08:09 – 09:10
बृहस्पति 09:10 – 10:11
मंगल 10:11 – 11:12
सूर्य 11:12 – 12:13
शुक्र 12:13 – 13:14
बुध 13:14 – 14:15
चन्द्र 14:15 – 15:17
शनि 15:17 – 16:18
बृहस्पति 16:18 – 17:19
मंगल 17:19 – 18:20

🚩होरा, रात
सूर्य 18:20 – 19:19
शुक्र 19:19 – 20:18
बुध 20:18 – 21:17
चन्द्र 21:17 – 22:16
शनि 22:16 – 23:15
बृहस्पति 23:15 – 24:13
मंगल 24:13* – 25:12
सूर्य 25:12* – 26:11
शुक्र 26:11* – 27:10
बुध 27:10* – 28:09
चन्द्र 28:09* – 29:08
शनि 29:08* – 30:07

नोट— दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है।
प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।
चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥
रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार ।
अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥
अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।
उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।
लाभ में व्यापार करें ।
रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें ।
काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।
अमृत में सभी शुभ कार्य करें ।

🌹 दिशा शूल ज्ञान————-उत्तर*
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो पान अथवा पिस्ता खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l
भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll

🌹  अग्नि वास ज्ञान  🌹

यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,
चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।
दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,
नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।। महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्
नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।

   15 + 4 + 4 + 1 =24  ÷ 4 = 0 शेष

पृथ्वी लोक पर अग्नि वास हवन के लिए शुभ कारक है l

🌹 शिव वास एवं फल 🌹

19 + 19 + 5 = 43 ÷ 7 = 1 शेष

कैलाश वास = शुभ कारक

🙏भद्रा वास एवं फल 🙏

स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।
मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।

🙏 विशेष जानकारी🙏    
  • चतुर्थी श्राध्द
  • भरणी श्राध्द 🙏 शुभ विचार 🙏

राजा राष्ट्रकृतं पापं राज्ञः पापं पुरोहितः ।
भर्ता च स्त्रीकृतं पापं शिष्यपापं गुरुस्तथा ।।
।।चा o नी o।।

राजा को उसके नागरिको के पाप लगते है. राजा के यहाँ काम करने वाले पुजारी को राजा के पाप लगते है. पति को पत्नी के पाप लगते है. गुरु को उसके शिष्यों के पाप लगते है.

  🙏 सुभाषितानि  🙏

गीता -: क्षेत्रज्ञविभागयोग अo-13

इन्द्रियार्थेषु वैराग्यमनहङ्‍कार एव च ।,
जन्ममृत्युजराव्याधिदुःखदोषानुदर्शनम्‌ ॥,

इस लोक और परलोक के सम्पूर्ण भोगों में आसक्ति का अभाव और अहंकार का भी अभाव, जन्म, मृत्यु, जरा और रोग आदि में दुःख और दोषों का बार-बार विचार करना॥,8॥,

🌹व्रत पर्व विवरण 🌹

चतुर्थी का श्राद्ध, भरणी श्राद्ध*
🌹 विशेष – चतुर्थी को मूली खाने से धन का नाश होता है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)
पितरों का उद्धार* 🌷
🙏🏻 भगवान शिव अपने पुत्र से कहते हैं: कार्तिकेय ! संसार में विशेषतः कलियुग में वे ही मनुष्य धन्य हैं, जो सदा पितरों के उद्धार के लिये श्रीहरि का सेवन करते हैं । बेटा ! बहुत से पिण्ड देने और गया में श्राद्ध आदि करने की क्या आवश्यकता है। वे मनुष्य तो हरिभजन के ही प्रभाव से पितरों का नरक से उद्धार कर देते हैं। यदि पितरों के उद्देश्य से दूध आदि के द्वारा भगवान विष्णु को स्नान कराया जाय तो वे पितर स्वर्ग में पहुँचकर कोटि कल्पों तक देवताओं के साथ निवास करते हैं। – पद्मपुराण
श्राद्धकर्म* 🌷
🙏🏻 अगर श्राद्धकर्म करने के लिए आपके पास बिल्कुल भी धन नहीं है तो आपको उधार मांगकर धन लेना चाहिए और श्राद्ध करना चाहिए। अगर आपको कोई उधार नहीं दे रहा तो पितरों के उद्देश्य से पृथ्वी पर भक्ति विनम्र भाव से सात आठ तिलों से जलाञ्जलि ही दे दें। अगर यह भी संभव नहीं तो कहीं से चारा लाकर गौ को खिला दें। और अगर इतना भी संभव नहीं तो अपनी बगल दिखाते हुए सूर्य तथा दिक्पालों से कहें :
🌷 “न मेऽस्ति वित्तं न धनं न चान्यच्छ्राद्धोपयोग्यं स्वपितॄन्‌नतोऽस्मि ।
तृप्यन्तु भत्त्या पितरो मयैतौ कृतौ भुजौ वर्त्मनि मारुतस्य ।।”
‘मेरे पास श्राद्धकर्म के योग्य न धन-संपति है और न कोई अन्य सामग्री। अत: मै अपने पितरों को प्रणाम करता हूँ। वे मेरी भक्ति से ही तृप्तिलाभ करे। मैंने अपनी दोनों भुजाएं आकाश में उठा रखी हैं ।
🌹ऐसा विवरण विष्णुपुराण तृतीयांश, अध्यायः 14 तथा वराहपुराण अध्याय 13 में मिलता है।*
भरणी श्राद्ध* 🌷
🙏🏻 18 सितम्बर 2019 भरणी नक्षत्र होने के कारण महाभरणी श्राद्ध है। भरणी नक्षत्र के देवता यमराज होने के कारण महाभरणी श्राद्ध का विशेष महत्व है। सामान्यतः आश्विन पितृपक्ष में चतुर्थी अथवा पंचमी को ही भरणी नक्षत्र आता है। कहा जाता है लोक – लोकान्तर की यात्रा जन्म, मृ्त्यु व पुन: जन्म उत्पत्ति का कारकत्व भरणी नक्षत्र के पास है अतः भरणी नक्षत्र के दिन श्राद्ध करने से पितरों को सद्गति मिलती है। महाभरणी श्राद्ध में कहीं भी श्राद्ध किया जाए, फल गयाश्राद्ध के बराबर मिलता है। यह श्राद्ध सभी कर सकते हैं।
👉🏻 भरणी नक्षत्र में श्राद्ध करने से श्राद्धकर्ता को उत्तम आयु प्राप्त होती है।
🌹 भरणी नक्षत्र में ब्राह्मण को काले तिल एवं गाय का दान करने से सद्गति प्राप्ति होती है व कष्ट कम होता है।

 🙏दैनिक राशिफल 🙏  

देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके।
नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।।
विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे।
जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।।

🐏मेष
धर्म-कर्म में रुचि रहेगी। कोर्ट व कचहरी के काम मनोनुकूल रहेंगे। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। कुबुद्धि हावी रहेगी। चिंता तथा तनाव रहेंगे। मित्रों से संबंध सुधरेंगे। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। विरोधी सक्रिय रहेंगे। स्वास्थ्य का पाया कमजोर रह सकता है।

🐂वृष
वाहन व मशीनरी के प्रयोग में सावधानी रखें। पुराना रोग परेशानी का कारण रह सकता है। दूसरों के कार्य में दखल न दें। बड़ों की सलाह मानें। लाभ होगा। अपेक्षित कार्यों में विलंब होगा। मानसिक बेचैनी रहेगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। आय में निश्चितता रहेगी। धैर्य रखें।

👫मिथुन
प्रेम-प्रसंग में अनुकूलता रहेगी। परिवार के किसी सदस्य के स्वास्थ्य की चिंता रहेगी। बेवजह कहासुनी हो सकती है। कानूनी अड़चन दूर होगी। व्यापार में वृद्धि होगी। नौकरी में सहकर्मियों का साथ मिलेगा। निवेश शुभ रहेगा। प्रसन्नता रहेगी। लेन-देन में जल्दबाजी न करें।

🦀कर्क
किसी अपने के व्यवहार से स्वाभिमान को ठेस पहुंच सकती है। शारीरिक कष्ट संभव है। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। शत्रु पस्त होंगे। वाणी पर नियंत्रण रखें। स्थायी संपत्ति के कार्य बड़ा लाभ दे सकते हैं। आर्थिक उन्नति के प्रयास सफल होंगे। निवेश शुभ रहेगा। व्यापार में वृद्धि होगी।

🐅सिंह
घर के सदस्यों के स्वास्थ्य व अध्ययन संबंधी चिंता रहेगी। विद्यार्थी वर्ग सफलता हासिल करेगा। किसी आनंदोत्सव में भाग लेने का मौका मिलेगा। यात्रा मनोरंजक रहेगी। दुष्टजनों से दूरी बनाए रखें। निवेश शुभ रहेगा। व्यापार में वृद्धि होगी। नौकरी में उच्चाधिकारी सहयोग करेंगे।

🙍कन्या
शत्रु हानि पहुंचा सकते हैं। दु:खद समाचार मिल सकता है। व्यर्थ भागदौड़ रहेगी। लाभ के अवसर हाथ से निकलेंगे। बेवजह कहासुनी हो सकती है। पुराना रोग उभर सकता है। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। व्यापार ठीक चलेगा। आय में निश्चितता रहेगी। प्रयास अधिक करना पड़ेंगे। धैर्य रखें।

⚖तुला
शत्रु पस्त होंगे। सुख के साधन जुटेंगे। सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। पराक्रम बढ़ेगा। लंब समय से रुके कार्य सहज रूप से पूर्ण होंगे। कार्य की प्रशंसा होगी। शेयर मार्केट में सफलता मिलेगी। व्यापार-व्यवसाय में वृद्धि होगी। नौकरी में अधिकारी प्रसन्न रहेंगे। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। शुभ समय।

🦂वृश्चिक
घर में अतिथियों का आगमन होगा। व्यय होगा। दूर से शुभ समाचार प्राप्त होंगे। जोखिम उठाने का साहस कर पाएंगे। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। व्यापार-व्यवसाय ठीक चलेगा। आय बनी रहेगी। अज्ञात भय रहेगा। प्रेम-प्रसंग में अनुकूलता रहेगी। घर-बाहर प्रसन्नता का माहौल रहेगा।

🏹धनु
आंखों का ख्याल रखें। अज्ञात भय सताएगा। वाणी पर नियंत्रण रखें। कानूनी अड़चन आ सकती है। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। अप्रत्याशित लाभ हो सकता है। लॉटरी व सट्टे से दूर रहें। बेरोजगारी दूर करने के प्रयास सफल रहेंगे। नौकरी में प्रमोशन प्राप्त हो सकता है। पार्टनरों का सहयोग मिलेगा। प्रसन्नता रहेगी।

🐊मकर
स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा। किसी अपरिचित पर अतिविश्वास न करें। विवाद से क्लेश होगा। दूसरों के उकसाने में न आएं। अप्रत्याशित खर्च सामने आएंगे। चिंता तथा तनाव रहेंगे। व्यवसाय की गति धीमी रहेगी। आय में निश्चितता रहेगी। कोई बड़ी समस्या आ सकती है। धैर्य रखें।

🍯कुंभ
शारीरिक कष्ट संभव है तथा तनाव रहेंगे। सुख के साधन प्राप्त होंगे। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। बकाया वसूली के प्रयास सफल रहेंगे। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। लंबे समय से रुके कार्यों में गति आएगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। मित्रों का सहयोग मिलेगा। प्रसन्नता रहेगी।

🐟मीन
चोट व रोग से परेशानी संभव है। आराम तथा मनोरंजन के साधन उपलब्ध होंगे। यश बढ़ेगा। व्यापार वृद्धि होगी। नई योजना बनेगी जिसका तत्काल लाभ नहीं मिलेगा। कार्यप्रणाली में सुधार होगा। विरोधी सक्रिय रहेंगे। नौकरी में उच्चाधिकारी प्रसन्न रहेंगे। प्रमाद न करें।

🙏आपका दिन मंगलमय हो🙏

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