आज आपकी राशि से आपको बहुत कुछ मिलने वाला है, क्योंकि एडवांस प्रेडिक्शन से इंसान सावधान हो जाता है…

Presents

आचार्य रमेश चन्द्र तिवारी धानिवबांग नालासोपारा पालघर महाराष्ट्र 🌹🌹🙏
सम्पर्क सूत्र -9518782511
🌹🌹🙏🙏🌹🌹🙏🙏🌹🌹
🙏🌹🙏 अथ पंचांगम् 🙏🌹🙏
ll जय श्री राधे ll

दिनाँक -: 13/09/2019,शुक्रवार
चतुर्दशी, शुक्ल पक्ष
भाद्रपद
“””””””””””””””””””””””””””””””””””””(समाप्ति काल)

तिथि———–चतुर्दशी07:35:02 तक
पक्ष—————————–शुक्ल
नक्षत्र———शतभिषा19:58:07
योग—————–धृति20:29:36
करण———–वाणिज07:35:01
करण———विष्टि भद्र20:49:11
वार—————————शुक्रवार
माह————————–भाद्रपद
चन्द्र राशि——————— कुम्भ
सूर्य राशि————————सिंह
रितु——————————-वर्षा
आयन——————-दक्षिणायण
संवत्सर———————-विकारी
संवत्सर (उत्तर)———–परिधावी
विक्रम संवत—————–2076
विक्रम संवत (कर्तक)——2075
शाका संवत——————1941

मुम्बई
सूर्योदय—————–06:26:41
सूर्यास्त——————18:42:03
दिन काल—————12:21:11
रात्री काल————–11:39:15
चंद्रोदय——————18:29:39
चंद्रास्त——————30:23:36

लग्न—-सिंह24°52′ , 144°52′

सूर्य नक्षत्र————-पूर्वाफाल्गुनी
चन्द्र नक्षत्र—————–शतभिषा
नक्षत्र पाया———————-ताम्र

        पद, चरण  

सा—-शतभिषा 06:28:05

सी—-शतभिषा 13:13:10

सू—-शतभिषा 19:58:07

से—-पूर्वाभाद्रपदा 26:42:49

          ग्रह गोचर  

ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद

सूर्य=सिंह 25°42 ‘ पू o फा o, 4 टी
चन्द्र =कुम्भ13°23 ‘ शाभिषा’ 2 सा
बुध=कन्या 03°16 ‘उo फ़ा o’ 3 पा
शुक्र= कन्या 03°40, उ oफा o’ 3 पा
मंगल=सिंह 22°12 ‘ पू oफ़ा o ‘ 3 टी
गुरु=वृश्चिक 22°01 ‘ ज्येष्ठा , 2 या
शनि=धनु 22°13′ पू oषा o ‘ 3 फा
राहू=मिथुन 20°01 ‘ पुनर्वसु , 1 के
केतु=धनु 20 ° 01′ पूo षाo, 3 फा

     शुभा$शुभ मुहूर्त

राहू काल 10:42 – 12:15अशुभ
यम घंटा 15:20 – 16:53अशुभ
गुली काल 07:37 – 09:10अशुभ
अभिजित 11:50 -12:40शुभ
दूर मुहूर्त 08:33 – 09:22अशुभ
दूर मुहूर्त 12:40 – 13:29अशुभ

  पंचकअहोरात्रअशुभ

      चोघडिया, दिन

चर 06:04 – 07:37शुभ
लाभ 07:37 – 09:10शुभ
अमृत 09:10 – 10:42शुभ
काल 10:42 – 12:15अशुभ
शुभ 12:15 – 13:48शुभ
रोग 13:48 – 15:20अशुभ
उद्वेग 15:20 – 16:53अशुभ
चर 16:53 – 18:26शुभ

     चोघडिया, रात

रोग 18:26 – 19:53अशुभ
काल 19:53 – 21:20अशुभ
लाभ 21:20 – 22:48शुभ
उद्वेग 22:48 – 24:15अशुभ शुभ 24:15 – 25:43शुभ अमृत 25:43 – 27:10शुभ चर 27:10 – 28:37शुभ रोग 28:37 – 30:05*अशुभ

        होरा, दिन

शुक्र 06:04 – 07:06
बुध 07:06 – 08:08
चन्द्र 08:08 – 09:10
शनि 09:10 – 10:12
बृहस्पति 10:12 – 11:13
मंगल 11:13 – 12:15
सूर्य 12:15 – 13:17
शुक्र 13:17 – 14:19
बुध 14:19 – 15:20
चन्द्र 15:20 – 16:22
शनि 16:22 – 17:24
बृहस्पति 17:24 – 18:26

      होरा, रात

मंगल 18:26 – 19:24
सूर्य 19:24 – 20:22
शुक्र 20:22 – 21:20
बुध 21:20 – 22:19
चन्द्र 22:19 – 23:17
शनि 23:17 – 24:15
बृहस्पति 24:15* – 25:14
मंगल 25:14* – 26:12
सूर्य 26:12* – 27:10
शुक्र 27:10* – 28:08
बुध 28:08* – 29:07
चन्द्र 29:07* – 30:05

नोट— दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है।
प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।
चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥
रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार ।
अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥
अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।
उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।
लाभ में व्यापार करें ।
रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें ।
काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।
अमृत में सभी शुभ कार्य करें ।

 दिशा शूल ज्ञान-------------पश्चिम*

परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो घी अथवा काजू खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l
भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll

    अग्नि वास ज्ञान  -:*

यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,
चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।
दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,
नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।। महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्
नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।

   14 + 6 + 1 = 21 ÷ 4 = 1 शेष

पाताल लोक पर अग्नि वास हवन के लिए अशुभ कारक है l

 *    शिव वास एवं फल -:*

14 + 14 + 5 = 33 ÷ 7 = 5 शेष

ज्ञानवेलायां = कष्टकारक

 *  भद्रा वास एवं फल -:*

स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।
मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।

प्रातः 07:34 से रात्रि 28:48 तक समाप्त

मृत्यु लोक = सर्वकार्य विनाशिनी

       विशेष जानकारी    
  • महालयारम्भ
  • पूर्णिमा श्राद्ध शुभ विचार

तादृशी जायते बुध्दिर्व्यवसायोऽपि तादृशः ।
सहायास्तादृशा एव यादृशी भवितव्यता ।।
।।चा o नी o।।

सर्व शक्तिमान के इच्छा से ही बुद्धि काम करती है, वही कर्मो को नियंत्रीत करता है. उसी की इच्छा से आस पास में मदद करने वाले आ जाते है.

        सुभाषितानि  

गीता -: क्षेत्रज्ञविभागयोग अo-13

तत्क्षेत्रं यच्च यादृक्च यद्विकारि यतश्च यत्‌।,
स च यो यत्प्रभावश्च तत्समासेन मे श्रृणु॥,

वह क्षेत्र जो और जैसा है तथा जिन विकारों वाला है और जिस कारण से जो हुआ है तथा वह क्षेत्रज्ञ भी जो और जिस प्रभाववाला है- वह सब संक्षेप में मुझसे सुन॥,3॥,

🌹 व्रत पर्व विवरण – अनंत चतुर्दशी, गणेश महोत्सव समाप्त, चतुर्दशी वृद्धि तिथि
💥 विशेष – चतुर्दशी और पूर्णिमा के दिन स्त्री-सहवास तथा तिल का तेल खाना और लगाना निषिद्ध है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-38)
श्राद्ध पक्ष में अपनाए जाने वाले सभी मुख्य नियम*
13 सितम्बर 2019 शुक्रवार से महालय श्राद्ध आरम्भ ।
👉🏻 1) श्राद्ध के दिन भगवदगीता के सातवें अध्याय का माहात्मय पढ़कर फिर पूरे अध्याय का पाठ करना चाहिए एवं उसका फल मृतक आत्मा को अर्पण करना चाहिए।
👉🏻 *2) श्राद्ध के आरम्भ और अंत में तीन बार निम्न मंत्र का जप करें
➡ *मंत्र ध्यान से पढ़े :*
🌷 ll देवताभ्यः पितृभ्यश्च महायोगिभ्य एव च l
नमः स्वाहायै स्वधायै नित्यमेव भवन्त्युत ll
🙏🏻 *(समस्त देवताओं, पितरों, महायोगियों, स्वधा एवं स्वाहा सबको हम नमस्कार करते हैं l ये सब शाश्वत फल प्रदान करने वाले हैं l)
👉🏻 *3) “श्राद्ध में एक विशेष मंत्र उच्चारण करने से, पितरों को संतुष्टि होती है और संतुष्ट पितर आप के कुल खानदान को आशीर्वाद देते हैं*
मंत्र ध्यान से पढ़े :
🌷 ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं स्वधादेव्यै स्वाहा|
👉🏻 *4) जिसका कोई पुत्र न हो, उसका श्राद्ध उसके दौहिक (पुत्री के पुत्र) कर सकते हैं l कोई भी न हो तो पत्नी ही अपने पति का बिना मंत्रोच्चारण के श्राद्ध कर सकती है l
👉🏻 *5) पूजा के समय गंध रहित धूप प्रयोग करें और बिल्व फल प्रयोग न करें और केवल घी का धुआं भी न करें|*


🙏🏻 श्राद्ध महिमा पुस्तक से
श्राद्ध में पालने योग्य नियम
🙏🏻 श्रद्धा और मंत्र के मेल से पितरों की तृप्ति के निमित्त जो विधि होती है उसे ‘श्राद्ध’ कहते हैं।
🙏🏻 हमारे जिन संबंधियों का देहावसान हो गया है, जिनको दूसरा शरीर नहीं मिला है वे पितृलोक में अथवा इधर-उधर विचरण करते हैं, उनके लिए पिण्डदान किया जाता है।
बच्चों एवं संन्यासियों के लिए पिण्डदान नहीं किया जाता।
🙏🏻 विचारशील पुरुष को चाहिए कि जिस दिन श्राद्ध करना हो उससे एक दिन पूर्व ही संयमी, श्रेष्ठ ब्राह्मणों को निमंत्रण दे दे। परंतु श्राद्ध के दिन कोई अनिमंत्रित तपस्वी ब्राह्मण घर पर पधारें तो उन्हें भी भोजन कराना चाहिए।
🙏🏻 भोजन के लिए उपस्थित अन्न अत्यंत मधुर, भोजनकर्ता की इच्छा के अनुसार तथा अच्छी प्रकार सिद्ध किया हुआ होना चाहिए। पात्रों में भोजन रखकर श्राद्धकर्ता को अत्यंत सुंदर एवं मधुर वाणी से कहना चाहिए कि ‘हे महानुभावो ! अब आप लोग अपनी इच्छा के अनुसार भोजन करें।’
🙏🏻 श्रद्धायुक्त व्यक्तियों द्वारा नाम और गोत्र का उच्चारण करके दिया हुआ अन्न पितृगण को वे जैसे आहार के योग्य होते हैं वैसा ही होकर मिलता है। (विष्णु पुराणः 3.16,16)
🙏🏻 श्राद्धकाल में शरीर, द्रव्य, स्त्री, भूमि, मन, मंत्र और ब्राह्मण-ये सात चीजें विशेष शुद्ध होनी चाहिए।
🙏🏻 श्राद्ध में तीन बातों को ध्यान में रखना चाहिएः शुद्धि, अक्रोध और अत्वरा (जल्दबाजी नही करना)।
श्राद्ध में मंत्र का बड़ा महत्त्व है। श्राद्ध में आपके द्वारा दी गयी वस्तु कितनी भी मूल्यवान क्यों न हो, लेकिन आपके द्वारा यदि मंत्र का उच्चारण ठीक न हो तो काम अस्त-व्यस्त हो जाता है। मंत्रोच्चारण शुद्ध होना चाहिए और जिसके निमित्त श्राद्ध करते हों उसके नाम का उच्चारण भी शुद्ध करना चाहिए।
जिनकी देहावसना-तिथि का पता नहीं है, उनका श्राद्ध अमावस्या के दिन करना चाहिए।
🙏🏻 हिन्दुओं में जब पत्नी संसार से जाती है तो पति को हाथ जोड़कर कहती हैः ‘मुझसे कुछ अपराध हो गया हो तो क्षमा करना और मेरी सदगति के लिए आप प्रार्थना करना।’ अगर पति जाता है तो हाथ जोड़ते हुए पत्नी से कहता हैः ‘जाने-अनजाने में तेरे साथ मैंने कभी कठोर व्यवहार किया हो तो तू मुझे क्षमा कर देना और मेरी सदगति के लिए प्रार्थना करना।’
🙏🏻 हम एक दूसरे की सदगति के लिए जीते जी भी सोचते हैं, मरते समय भी सोचते हैं और मरने के बाद भी सोचते हैं।
🙏🏻 क्या करें क्या न करें पुस्तक से महालय श्राद्ध आरम्भ 🌷


🙏 जो कर्म श्रद्धापूर्वक किया जाय उसे श्राद्ध कहते हैं । श्राद्ध अवश्य करना चाहिए ।
🙏 *भगवान सूर्य कहते हैं : जो व्यक्ति श्राद्ध नहीं करता, उसकी पूजा न तो मैं, न तो कोई देवता ग्रहण करते हैं । श्राद्ध न करनेवाला घोर तामिस्त्र नरक पाता है और अंत में सुकर योनि में उत्पन्न होता है ।
🙏 *देवताओं को अन्न का भाग देने के लिए मंत्र के पीछे “स्वाहा” शब्द का और पितरों को भाग देने के लिए श्राद्ध में 3 बार “स्वधा”शब्द का उच्चारण करना चाहिए ।*
🌷 श्राद्ध में 3 वस्तुएँ पवित्र मानी गई हैं :
1⃣ तिल
2⃣ दौहित्र (पुत्री का पुत्र)
3⃣ कुतप (दिन के आठवे प्रहर में जब सूर्य का ताप घटने लगता है, उस समय को कुतप कहते हैं) । उसमें पितरों को दिया हुआ दान अक्षय होता है ।
🙏 गाय का दही, दूध, घी व शक्कर आदि से युक्त अन्न पितरों के लिए तृप्तिकारक होते हैं । शहद मिलाकार तैयार किया हुआ कोई भी पदार्थ तथा गाय का घी व दूध मिलाकर बनाई हुई खीर भी पितरों को दी जाय तो वह अक्षय होती है ।

पितरों को क्या प्रिय है और क्या अप्रिय
प्रिय
कुश, उड़द, साठी चावल, जौ, गन्ना, मूंग, सफ़ेद फूल, शहद, गाय का दूध एवं घी ये वस्तुएँ पितरों को सदा प्रिय हैं अतः श्राद्ध में इनका उपयोग करें ।
अप्रिय
*मसूर, मटर, कमल, बिल्व, धतूरा, भेड़-बकरी का दूध इन वस्तुओं का उपयोग श्राद्ध में न करें ।
*श्राद्ध सम्बन्धी बातें* 🌷
श्राद्ध कर्म करते समय जो श्राद्ध का भोजन कराया जाता है, तो ११.३६ से १२.२४ तक उत्तम काल होता है l
गया, पुष्कर, प्रयाग और हरिद्वार में श्राद्ध करना श्रेष्ठ माना गया है l
गौशाला में, देवालय में और नदी तट पर श्राद्ध करना श्रेष्ठ माना गया है l
सोना, चांदी, तांबा और कांसे के बर्तन में अथवा पलाश के पत्तल में भोजन करना-कराना अति उत्तम माना गया है l लोहा, मिटटी आदि के बर्तन काम में नहीं लाने चाहिए l
श्राद्ध के समय अक्रोध रहना, जल्दबाजी न करना और बड़े लोगों को या बहुत लोगों को श्राद्ध में सम्मिलित नहीं करना चाहिए, नहीं तो इधर-उधर ध्यान बंट जायेगा, तो जिनके प्रति श्राद्ध सद्भावना और सत उद्देश्य से जो श्राद्ध करना चाहिए, वो फिर दिखावे के उद्देश्य में सामान्य कर्म हो जाता है l
➡ *सफ़ेद सुगन्धित पुष्प श्राद्ध कर्म में काम में लाने चाहिए l लाल, काले फूलों का त्याग करना चाहिए l अति मादक गंध वाले फूल अथवा सुगंध हीन फूल श्राद्ध कर्म में काम में नहीं लाये जाते हैं l

    दैनिक राशिफल   

देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके।
नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।।
विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे।
जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।।

🐏मेष
बेचैनी रह सकती है। वाणी में हल्के शब्दों के प्रयोग से बचें। किसी व्यक्ति के उकसाने में न आएं। दुष्टजनों से बचकर रहें। दूर से शुभ समाचार प्राप्त होंगे। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। नौकरी में सहकर्मी साथ देंगे। परिवार में कोई मांगलिक कार्य संभव है।

🐂वृष
किसी बड़ी समस्या का हल सहज ही होगा। बेरोजगारी दूर करने के प्रयास सफल रहेंगे। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। कारोबार में वृद्धि के योग हैं। भाग्य का साथ रहेगा। प्रतिद्वंद्वी सक्रिय रहेंगे। भेंट व उपहार की प्राप्ति संभव है। प्रसन्नता रहेगी।

👫मिथुन
कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। अप्रत्याशित खर्च सामने आएंगे। आर्थिक स्थिति बिगड़ सकती है। महत्वपूर्ण निर्णय लेने में जल्दबाजी न करें। वाणी पर नियंत्रण रखें। चिंता तथा तनाव बने रहेंगे। नौकरी में कार्यभार रहेगा। व्यापार-व्यवसाय ठीक चलेगा।

🦀कर्क
बकाया वसूली के प्रयास सफल रहेंगे। व्यावसायिक यात्रा लाभदायक रहेगी। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। नया कार्य करने का मन बनेगा। निवेश शुभ रहेगा। कारोबार में वृद्धि के योग हैं। नौकरी में प्रभाव बढ़ेगा। पारिवारिक सुख-शांति बनी रहेगी। मित्र मिलेंगे। जल्दबाजी न करें।

🐅सिंह
नई योजना बनेगी। किसी प्रभावशाली का मार्गदर्शन व सहयोग प्राप्त हो सकता है। व्यापार-व्यवसाय की कार्यप्रणाली में सुधार होगा। सामाजिक सेवा करने की प्रेरणा मिलेगी। मान-सम्मान मिलेगा। धन प्राप्ति सुगम होगी। चोट व रोग से बाधा की आशंका है।

🙍कन्या
शत्रुभय बना रहेगा। पूजा-पाठ में मन लगेगा। कारोबार से लाभ में वृद्धि के योग हैं। कोर्ट व कचहरी इत्यादि में स्थिति अनुकूल रहेगी। किसी विवाद में विजय प्राप्त हो सकती है। व्यापार में नए काम मिल सकते हैं। चिंता रहेगी। दुष्टजनों से बचकर रहें।

⚖तुला
धनहानि की आशंका है। वाहन व मशीनरी इत्यादि के प्रयोग में सावधानी रखें। शारीरिक कष्ट से बनते कामों में विघ्न हो सकता है। स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें। क्रोध व उत्तेजना पर नियंत्रण रखें। व्यापार-व्यवसाय ठीक चलेगा। आय में निश्चितता रहेगी। चिंता रहेगी।

🦂वृश्चिक
मानसिक बेचैनी रहेगी। कोर्ट व कचहरी तथा सरकारी कार्यालयों में रुके कामों में गति आएगी। विवाद का हल हो सकता है। जीवनसाथी को भेंट व उपहार देने का अवसर प्राप्त होगा। प्रसन्नता रहेगी। पारिवारिक सहयोग मिलता रहेगा। आय में वृद्धि होगी।

🏹धनु
लेन-देन में सावधानी रखें। स्थायी संपत्ति में वृद्धि के योग हैं। बेरोजगारी दूर करने के प्रयास सफल रहेंगे। आय में वृद्धि होगी। पार्टनरों से मतभेद दूर होकर स्थिति अनुकूल बनेगी। किसी से विवाद की आशंका है। मानहानि हो सकती है, सावधान रहें।

🐊मकर
प्रेम-प्रसंग का प्रस्ताव मिल सकता है। प्रसन्नता में वृद्धि होगी। किसी मनोरंजक यात्रा का कार्यक्रम बन सकता है। विद्यार्थी वर्ग अपने कार्य सफलतापूर्वक कर पाएंगे। परीक्षा व साक्षात्कार आदि में सफलता प्राप्त होगी। मनपसंद भोजन का आनंद प्राप्त होगा।

🍯कुंभ
यात्रा में जल्दबाजी न करें। किसी व्यक्ति से अकारण विवाद हो सकता है। भागदौड़ के चलते स्वास्थ्य प्रभावित हो सकता है। लापरवाही न करें। किसी दु:खद समाचार मिलने की आशंका है। चिंता तथा तनाव रहेंगे। व्यापार-व्यवसाय ठीक चलेगा।

🐟मीन
विवाद को बढ़ावा देने से बचें। जल्दबाजी न करें। शारीरिक कष्ट की आशंका है। प्रयास सफल रहेंगे। नौकरी में कार्य की प्रशंसा होगी। किसी बड़े कार्य को करने की इच्छा प्रबल होगी। कारोबार अच्छा चलेगा। धन प्राप्ति सुगम होगी।

🙏आपका दिन मंगलमय हो🙏

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